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निर्वाचन आयुक्त से मिलने सैकड़ों लोगों को लेकर जाना और शक्ति प्रदर्शन करना उचित प्रक्रिया नहीं: मदन राठौड़

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निर्वाचन आयुक्त से मिलने सैकड़ों लोगों को लेकर जाना और शक्ति प्रदर्शन करना उचित प्रक्रिया नहीं: मदन राठौड़


जयपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात के लिए बड़ी संख्या में लोगों को ले जाने और शक्ति प्रदर्शन करने को अनुचित बताते हुए कांग्रेस को निर्धारित प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयुक्त से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल को समय लेकर तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी शिकायत रखनी चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस नेताओं को यही सलाह दी थी। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इस पर प्रतिक्रिया अनावश्यक है।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कभी 240 तो कभी 400 लोगों के साथ निर्वाचन आयुक्त से मिलने की बात करती है। यह निर्वाचन आयुक्त की पैरवी का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष अपनी बात रखने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शिकायतों के समाधान के बजाय मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने और मीडिया में चर्चा बनाए रखने का प्रयास कर रही है।

राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर अपनी पार्टी के नेताओं के आचरण पर भी स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर महिला पुलिसकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और शालीनता बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति का व्यवहार भी पद की गरिमा के अनुरूप होना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल से जुड़े छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि अंक बढ़ाने के बदले छात्राओं से अनुचित मांग की गई है, तो यह गंभीर मामला है। शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सवाल किया कि गहलोत इन दोनों मामलों पर खुलकर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।

राठौड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान, महिलाओं की गरिमा और छात्राओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता दिखाना आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश