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अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर कर रही सरकार : शिक्षा मंत्री

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अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर कर रही सरकार : शिक्षा मंत्री


जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के समय बड़ी संख्या में विद्यालयों को महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में परिवर्तित तो कर दिया गया था, लेकिन उनमें शिक्षकों के पद सृजित नहीं किए गए थे। वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को सुधारने की दिशा में कदम उठाते हुए आवश्यकतानुसार पद सृजित किए हैं और योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की है।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक महंत बालकनाथ द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के उत्तर में शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक कुल 3,737 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया गया था। इनमें से अकेले लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में ही 203 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया गया था।

मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर इन विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई और कुछ जगह ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई जो स्वयं अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित नहीं थे।

शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि यदि इस संबंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है तो सरकार उस पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे विद्यालय भी हैं जो संचालन की दृष्टि से व्यवहार्य नहीं रह गए हैं। कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 10 से भी कम है, जबकि कुछ स्थानों पर यह संख्या शून्य तक पहुंच गई है।

इससे पहले मंत्री ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश में वर्तमान में 3,737 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) और 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने इन विद्यालयों का ब्लॉकवार और जिलेवार विवरण सदन के पटल पर रखा। इसके साथ ही इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की कक्षावार संख्या तथा हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में कार्यरत शिक्षकों का जिलेवार संख्यात्मक विवरण भी सदन को उपलब्ध कराया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित