शीतला अष्टमी बुधवार को: रांधा पुआ मंगलवार काे
जयपुर, 09 मार्च (हि.स.)। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी कल बुधवार को शीतला अष्टमी के रूप में श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाएगी। इससे एक दिन पूर्व 10 मार्च को परंपरा अनुसार रांधा पुआ बनाया जाएगा। घर-घर में शीतला माता को अर्पित करने के लिए दर्जनों पकवान बनाए जाएंगे, जिनमें मूंग थाल, गुड़ के मीठे चावल, बाजरा, राबड़ी, दही, पुआ, पूरी, हलवा मुख्य हैं। राजधानी के सभी मुख्य बाजारों, चौराहों पर शीतलाष्टमी से जुड़े सामान खासकर मिट्टी के सामान की बिक्री तेज हो गई। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए व्रत रखकर माता शीतला की पूजा करेंगी।
ज्योतिषाचार्य डॉ. महेंद्र मिश्रा ने बताया कि शीतला माता की पूजा सप्तमी और अष्टमी दोनों तिथियों पर विभिन्न स्थानों पर की जाती है। पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण सप्तमी 10 मार्च को है, जबकि उदया तिथि के अनुसार शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। शीतला अष्टमी की अष्टमी तिथि 10 मार्च को रात 1:54 बजे प्रारंभ होकर 12 मार्च को प्रात: 4:19 बजे समाप्त होगी। 11 मार्च को सुबह 6: 03 बजे से शाम 5:56 बजे तक पूजा का शुभ समय रहेगा।
उल्लेखनीय है कि शीतला माता का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। मान्यता है कि देवी शीतला की आराधना करने से चेचक, खसरा सहित कई प्रकार के संक्रमण और मौसमी बीमारियों से रक्षा होती है। इसी कारण इस एक दिन पहले बने ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है। भक्तजन भी वही प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन चूल्हा नहीं जलता। चाकसू स्थित शील की डूंगरी में शीतला माता का पारंपरिक मेला भरेगा।
इस पर्व को कई स्थानों पर बास्योड़ा भी कहा जाता है। राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में इसे विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

