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शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से : हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

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शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से : हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा


जयपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मां शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होगा। इस बार नवरात्र में धार्मिक आयोजनों के साथ कई विशेष ज्योतिषीय संयोग भी बन रहे हैं। रविवार को नवरात्र स्थापना होने के कारण मां दुर्गा के हाथी पर सवार होकर आने की मान्यता है, जिसे सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। आमेर स्थित प्राचीन शिला माता मंदिर में सुबह 11:55 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना होगी। श्रद्धालुओं के लिए पहले दिन दोपहर 1 बजे दर्शन खोले जाएंगे। मंदिर में नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन सहित धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

शिला माता मंदिर के पुजारी बनवारी लाल शर्मा के अनुसार, नवरात्र के दौरान प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 12:30 बजे और शाम 4 से रात 8:30 बजे तक दर्शन होंगे। दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक मंदिर में दर्शन बंद रहेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग कतारें बनाई जाएंगी। प्रतिदिन सुबह 8 से 8:15 बजे तक बाल भोग, सुबह 10 बजे प्रातः आरती, शाम 6:30 बजे संध्या आरती, रात 7:45 से 8 बजे तक रात्रि भोग और रात 8:30 बजे शयन आरती होगी।

नवरात्र के दौरान 10 महाविद्याओं और नौ दुर्गाओं की पूजा-अर्चना की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा होगी। पूर्व राजपरिवार की ओर से माता रानी को पोशाक अर्पित की जाएगी और प्रतिदिन विशेष आभूषणों से शृंगार किया जाएगा।

टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा के अनुसार शिला माता मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र मेला भरेगा। 16 अक्टूबर को छठ का मेला, 18 अक्टूबर को रात 10 बजे निशा पूजन और 19 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर शाम 4:30 बजे पूर्णाहुति होगी। 21 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नवरात्र उत्थापना की जाएगी।

इस बार तिथियों के विशेष संयोग के कारण महाअष्टमी और महानवमी का पूजन 19 अक्टूबर को एक ही दिन होगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक के अनुसार नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त होमगार्ड तैनात किए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। आमेर महल में पर्यटकों का प्रवेश सुबह 8 से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। टिकट बुकिंग की व्यवस्था सिंहपोल गेट पर होगी।

सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 10 से 21 अक्टूबर तक आमेर महल में रात्रिकालीन पर्यटन और हाथी सवारी बंद रहेगी। हालांकि, पर्यटक हाथी गांव में हाथी सवारी कर सकेंगे।

पंडित राजेश कुमार शर्मा के अनुसार इस बार नवरात्र के दौरान सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग सहित कई शुभ योग बनेंगे। उनके अनुसार, महाअष्टमी और महानवमी पर रवि योग रहेगा। नवरात्र स्थापना के दिन सुबह 10:02 बजे चंद्रमा तुला राशि में प्रवेश करेगा। साथ ही देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में होने को भी विशेष ज्योतिषीय संयोग माना जा रहा है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसे योग खरीदारी, वाहन, आभूषण और संपत्ति में निवेश के लिए शुभ माने जाते हैं। हालांकि, चातुर्मास के चलते विवाह जैसे मांगलिक कार्य देवउठनी एकादशी के बाद ही शुरू होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश