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विधानसभा-सचिवालय क्षेत्र में धारा 163 लागू:धरना-प्रदर्शन और जुलूस पर रोक

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विधानसभा-सचिवालय क्षेत्र में धारा 163 लागू:धरना-प्रदर्शन और जुलूस पर रोक


जयपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। राजधानी के सचिवालय,विधानसभा और सिविल लाइंस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा के आदेश जारी किए हैं। आदेश 15 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से 13 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।

इस आदेश के तहत विधानसभा क्षेत्र में स्टेच्यू सर्किल से राजस्थान विधानसभा तक जनपथ और विधानसभा भवन के चारों ओर का क्षेत्र, सचिवालय परिसर के आसपास का क्षेत्र तथा सिविल लाइंस सहित निर्धारित मार्गों पर प्रतिबंध लागू रहेंगे।

इसके अलावा निषेधाज्ञा के दौरान पांच या अधिक व्यक्तियों के समूह में एकत्र होने, जुलूस, रैली, धरना, प्रदर्शन, पिकेटिंग और रास्ता जाम करने पर रोक रहेगी। उत्तेजक नारे लगाने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। शस्त्र, आग्नेयास्त्र, धारदार हथियार, लाठी-डंडे, हॉकी, पत्थर या ईंट लेकर चलने पर भी पाबंदी रहेगी। अजनबियों या उपद्रवियों को आश्रय देने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा कारणों से अस्त्र-शस्त्र रखने के लिए अधिकृत पुलिसकर्मियों को आदेश से छूट रहेगी। राज्यपाल को ज्ञापन देने के इच्छुक शिष्टमंडल को पूर्व अनुमति लेनी होगी और अधिकतम चार व्यक्ति ही ज्ञापन सौंप सकेंगे।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश