9 अक्टूबर को बदलेगा शनि का नक्षत्र: पांच राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते
जयपुर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शनि की चाल और नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। वर्तमान में रेवती नक्षत्र में संचरण कर रहे शनि देव अब जल्द ही नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। पंडित बनवारी लाल शर्मा के अनुसार शनि देव 9 अक्टूबर को शाम 7.28 बजे अपनी ही राशि के नक्षत्र उत्तर भाद्रपद में प्रवेश करेंगे।
खास बात यह है कि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। ऐसे में शनि का अपने ही नक्षत्र में प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शनि इस नक्षत्र में करीब 83 दिनों तक रहेंगे और वर्ष के अंत तक इसी नक्षत्र से विभिन्न राशियों पर प्रभाव डालेंगे। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार इस अवधि में पांच राशियों के जातकों के लिए सकारात्मक बदलाव और शुभ परिणाम के योग बन सकते हैं।
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश नई उम्मीद और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ सकता है। पिछले समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। आय के साधनों में सुधार से अटके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं। परिवार में भी शांति और उत्साह का माहौल बनने की संभावना है।
मिथुन राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन लाभकारी माना जा रहा है। इस अवधि में किए गए प्रयासों में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और अचानक धन लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं। लंबे समय से अटके व्यावसायिक कार्यों में भी तेजी आने की संभावना है।
कन्या राशि के जातकों के लिए 83 दिनों की यह अवधि सुकून और सकारात्मक परिणाम देने वाली रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने के अवसर मिलेंगे और व्यस्तता के बीच खुशहाल पल आएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।
तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। छोटे-छोटे प्रयास भी आगे चलकर बड़े परिणाम दे सकते हैं। किसी शारीरिक या मानसिक परेशानी से जूझ रहे जातकों को राहत मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है।
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। ऐसे में इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव मकर राशि वालों के लिए विशेष माना जा रहा है। सोचे हुए शुभ कार्य समय पर पूरे होने के योग हैं। लंबे समय से विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कारोबार की योजना बना रहे जातकों की इच्छा पूरी होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान खान-पान और स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

