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भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव का समापन 26 को, एमपी के मुख्यमंत्री होंगे शामिल

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भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव का समापन 26 को, एमपी के मुख्यमंत्री होंगे शामिल


भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव का समापन 26 को, एमपी के मुख्यमंत्री होंगे शामिल


भीलवाड़ा, 25 फ़रवरी (हि.स.)। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह के सातवें दिन बुधवार को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का विश्राम हुआ। साथ ही विभिन्न यज्ञ-अनुष्ठानों की वैदिक विधि-विधान से पूर्णाहुति की गई। महोत्सव का समापन 26 फरवरी, गुरुवार को होगा। इस अवसर पर डॉ. मोहन यादव भी समारोह में शामिल होंगे। उनके प्रातः 11 बजे भीलवाड़ा पहुंचने का कार्यक्रम है।

कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से श्रीधाम वृंदावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुंदर पाराशर ने सुदामा चरित्र एवं भागवत सार का वाचन किया। उन्होंने कहा कि जिनके जीवन में भगवान श्रीकृष्ण जैसे मित्र होते हैं, उनके जीवन में दुख स्थायी नहीं रहता। भारत को विश्व का आध्यात्मिक मार्गदर्शक बताते हुए उन्होंने कहा कि संपूर्ण संसार भगवान का शरीर है और भारत उसका हृदय है। उन्होंने धर्म के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश भी दिया।

कथा विश्राम अवसर पर भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। “हर-हर महादेव”, “सनातन धर्म की जय” और “भारत माता की जय” के नारों से पांडाल गूंज उठा। व्यासपीठ की आरती महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के नेतृत्व में संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने की।

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज ने कहा कि संत और ग्रंथ राष्ट्र की धरोहर हैं तथा सनातन मंगल महोत्सव समाज और संस्कृति का उत्सव है। उन्होंने जात-पात से ऊपर उठकर सनातन एकता का संदेश देते हुए आपसी भाईचारे और सहभागिता पर बल दिया।

विश्व कल्याण की कामना से आयोजित सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का भी बुधवार को समापन हुआ। काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सान्निध्य में पंचकुंडीय श्री विष्णु महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई। इसके साथ 108 भागवत मूल पाठ, शतचंडी पाठ, अखंड गीता पाठ, रामचरितमानस पाठ, अखंड रामनाम संकीर्तन तथा चारों वेदों का पारायण संपन्न हुआ।

महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन शाम 6:30 बजे काशी की तर्ज पर गंगा आरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गुरुवार को श्रीधाम वृंदावन के रसिकाचार्य कुंजबिहारी शर्मा के निर्देशन में श्री निकुंज बिहारी रासलीला मंडल द्वारा रासलीला का मंचन किया जाएगा। समापन समारोह में दीक्षा दान कार्यक्रम संतों के सान्निध्य में संपन्न होगा। आयोजन समिति के अनुसार मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद