झुंझुनूं के रॉयल गांव में 500 बेटियों, बहनों और बुआओं का स्नेह मिलन
झुंझुनूं, 29 अक्टूबर (हि.स.)। गांवों में कभी अपनत्व और सामाजिक समरसता की पहचान रही परंपरा को फिर से जीवंत करने की पहल झुंझुनूं जिले के रॉयल गांव में की गई। यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के संस्थापक मेघराज सिंह ‘रॉयल’ की पहल पर आयोजित ‘बुआ, बहन, बेटी स्नेह मिलन समारोह’ में सर्व समाज की करीब 500 बेटियों, बहनों और बुआओं को आमंत्रित किया गया। पांच दिन तक चले इस आयोजन में गांव का माहौल पारिवारिक मेल-मिलाप और पुरानी यादों से सराबोर रहा।
समारोह में गांव के लोगों ने पारंपरिक तरीके से महिलाओं का स्वागत किया। उन्हें साड़ी, वस्त्र और अन्य उपहार भेंट किए गए। उनके स्वागत और भोजन की विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। वर्षों बाद पीहर पहुंचीं कई बेटियों के लिए यह अवसर भावुक कर देने वाला रहा। किसी घर में बेटी लौटी तो कहीं बहन और बुआ के आने से खुशियां छा गईं। बचपन की सखियों से मुलाकात और गांव की गलियों से जुड़ी यादों ने इस मिलन को खास बना दिया।
मेघराज सिंह ‘रॉयल’ ने कहा कि पहले जब कोई बेटी ससुराल से पीहर आती थी, तो पूरा गांव उससे मिलने पहुंचता था। जमाई के स्वागत-सत्कार में भी ग्रामीण मिलकर भागीदारी निभाते थे। बेटी की विदाई के समय गांव की महिलाएं भावुक हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि ये परंपराएं आपसी प्रेम, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक थीं। आयोजन का उद्देश्य बेटियों का सम्मान करने के साथ जातिगत भेदभाव कम करना और समाज के सभी वर्गों के बीच अपनत्व बढ़ाना है।
ब्रिगेडियर जितेन्द्र सिंह ने आयोजन की सफलता में सामूहिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ा आयोजन केवल आर्थिक संसाधनों से सफल नहीं होता। इसके लिए परिवार के समर्पण, ग्रामीणों के सहयोग और गांव के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

