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रोहिड़ा संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए ‘‘सेल्फी विद रोहिड़ा’’ अभियान का शुभारंभ

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रोहिड़ा संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के लिए ‘‘सेल्फी विद रोहिड़ा’’ अभियान का शुभारंभ


बीकानेर, 18 अगस्त (हि.स.)। राज्य सरकार की ‘पंच गौरव’ योजना के तहत रोहिड़ा को बीकानेर जिले की ‘एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति’ के रूप में चयनित किया गया है। मरुस्थलीय परिस्थितियों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला रोहिड़ा राजस्थान का राजकीय पुष्प भी है। इसके संरक्षण, संवर्धन और आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘सेल्फी विद रोहिड़ा’ अभियान का शुभारंभ किया गया है।

उप वन संरक्षक जी. वेंकटेश ने बताया कि अभियान के तहत जिले का कोई भी नागरिक ऐसे रोहिड़ा वृक्ष के साथ सेल्फी लेकर इसमें भाग ले सकता है, जो विशेषताओं से युक्त हो। इनमें पुराने एवं ऐतिहासिक महत्व वाले वृक्ष अथवा प्राकृतिक रूप से विशिष्ट आकार-प्रकार और पहचान वाले रोहिड़ा वृक्ष शामिल किए गए हैं। प्रतिभागी सेल्फी के साथ निर्धारित जानकारी को दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे। इससे जिले में मौजूद महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट रोहिड़ा वृक्षों की पहचान के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल सेल्फी प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ‘रोहिड़ा को जानें, रोहिड़ा को पहचानें और रोहिड़ा को बचाएं’ की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है। विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों, प्रकृति फोटोग्राफरों, ग्रामीणों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिभागियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों एवं जानकारी के आधार पर जिले के विशिष्ट रोहिड़ा वृक्षों को चिन्हित कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आगामी कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि वन विभाग सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। प्रतिभागी अपनी सेल्फी साझा करते समय #SelfieWithRohida, #RohidaBikaner और #PanchGaurav जैसे हैशटैग का उपयोग कर अभियान को जन-अभियान का स्वरूप देने में सहयोग कर सकेंगे। अभियान के दौरान प्राप्त प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रोहिड़ा मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण घटक है तथा स्थानीय परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता और जैव-विविधता की दृष्टि से विशेष महत्ता है। अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी को जिले की इस विशिष्ट वनस्पति प्रजाति से जोड़ने तथा रोहिड़ा को बीकानेर की पर्यावरणीय पहचान और गौरव के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अधिकाधिक संख्या में अभियान में भाग लेकर रोहिड़ा संरक्षण के इस जन-अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव