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जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान, तीन माह तक चलेगा जनजागरूकता कार्यक्रम

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जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान, तीन माह तक चलेगा जनजागरूकता कार्यक्रम


जयपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी जयपुर में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से अप्रैल माह से तीन माह का विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए शहर के यातायात ढांचे में सुधार करेंगे।

जिला कलेक्टर एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष संदेश नायक ने कहा कि जयपुर एक प्रमुख पर्यटन नगरी है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में आमजन और सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शहर को दुर्घटनारहित और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था देने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने यादगार (अजमेरी गेट) से सांगानेर तक टोंक रोड को ‘आदर्श यातायात पथ’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इस परियोजना में जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पुलिस, परिवहन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन सहित अन्य एजेंसियां मिलकर कार्य करेंगी।

तीन माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सड़कों की मरम्मत, सीवरेज मैनहोल की दुरुस्ती, आवश्यक साइनेज की स्थापना, जेब्रा क्रॉसिंग और डिवाइडर सुधार, ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत तथा सड़कों पर सफेद लाइन की पुनः पेंटिंग जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि वे सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें।

अभियान के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। विशेष रूप से ओवरलोड वाहनों, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने वालों, सीट बेल्ट और हेलमेट का उपयोग नहीं करने वाले चालकों, शराब पीकर वाहन चलाने तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क पार करने के सुरक्षित तरीके और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

जिला कलेक्टर ने बताया कि जयपुर में कुल 88 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थल) चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 53 स्थानों पर सुधारात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 34 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना नहीं, बल्कि नागरिकों में यातायात के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करना है, ताकि जयपुर को एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश