पंचायती राज चुनाव पूरी ताकत के साथ लडऩे की तैयारी कर रही है आरएलपी : हनुमान बेनीवाल
बीकानेर, 30 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है और पार्टी इसे पूरी ताकत के साथ लडऩे की तैयारी कर रही है।
पार्टी सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने और व्यवस्था परिवर्तन के नारे को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान कर रहे है। इसी कड़ी में बेनीवाल ने आज बीकानेर क्षेत्र का दौरा किया। सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बेनीवाल ने कहा कि पंचायती राज चुनावों में ‘प्रधान’ और ‘जिला प्रमुख’ के पदों पर रालोपा की जीत 2028 के विधानसभा चुनावों का रास्ता तय करेगा। बेनीवाल का दावा है कि ग्रामीण जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों से त्रस्त है और रालोपा को एक मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में देख रही है। पार्टी पंचायत समिति और वार्ड स्तर पर बड़ी संख्या में अपने प्रत्याशी उतारेगी।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि बीजेपी जिस तरह से दूसरी पार्टियों में तोडफ़ोड़ कर रही है। इनका क्या मकसद है,ये ही जानें। राजस्थान का नेतृत्व ऐसे के हाथ में है, जिसे राजनीति का क, ख, ग नहीं पता। पहली बार विधायक बने और सीएम बना दिए गए। उन्हें पता ही नहीं दिन में क्या करना है, दोपहर में क्या करना है, शाम को बयान बदल देते हैं। कांग्रेस भाजपा से मिलकर काम कर रही है। कांग्रेस के बयान सीएम को टारगेट नहीं होकर, उनके मंत्रियों को टारगेट कर रहे हैं। ये लुका-छिपी का गेम चल रहा है। सीएम ने भी कहा था कि कांग्रेस के लोग आधी रात को मिलने या अंधेरे में मिलने आते हैं। बीजेपी जिन मुद्दों को लेकर राजस्थान में आई। उन पर खरी नहीं उतरी। बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में क्राइम बढ़ा। सीएम के आने के बाद अग्निदेव नाराज हो गए। लोकतंत्र राजस्थान में खत्म है। सारा काम दिल्ली से हो रहा है। ब्यूरोक्रेट सीएम को चला रहे हैं।
बेनीवाल ने कहा कि पार्टी ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बैठकों का सिलसिला तेज कर दिया है। हाल ही में श्रीडूंगरगढ़, रीड़ी और बालोतरा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठकें की गई हैं। इन बैठकों में पार्टी के जिला प्रभारियों की मौजूदगी में आगामी चुनावों की रणनीतियों और मजबूत उम्मीदवारों को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस जहां अपने स्तर पर रणनीति बनाने और स्थानीय गुटीय समीकरणों को साधने में जुटी हुई हैं, वहीं रालोपा की इस जोरदार एंट्री ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक मुकाबले को बेहद रोचक और त्रिकोणीय बना दिया है। खासकर मारवाड़, बीकानेर और शेखावाटी के ग्रामीण अंचलों में रालोपा दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बिगाडऩे की क्षमता रखती है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

