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बेनीवाल ने तीसरे मोर्चे के साथ लडऩे का ऐलान, नहीं जाएगे एनडीए में

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बेनीवाल ने तीसरे मोर्चे के साथ लडऩे का ऐलान, नहीं जाएगे एनडीए में


एसआई भर्ती, रीट, पेपर लीक और आरपीएससी मामलों की सीबीआई जांच की मांग दोहराई

जोधपुर, 2 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल नहीं होगी। 2029 तक व एनडीए के खिलाफ रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी वर्ष 2028 के राजस्थान विधानसभा चुनाव तीसरे मोर्चे के साथ पूरे प्रदेश में लड़ेगी।

बाड़मेर रवाना होने से पहले बेनीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार भाजपा का विरोध करती रहेगी और राजस्थान की जनता को मजबूत तीसरा विकल्प देने के लिए प्रदेश की सभी सीटों पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आरएलपी का संगठन बूथ, गांव और ढाणी स्तर तक सक्रिय है तथा आगामी चुनाव में पूरे राजस्थान में उम्मीदवार उतारे जाएंगे।

बाड़मेर दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि वे सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ उन लोगों से भी मुलाकात करेंगे, जो कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूरा देश एकजुट है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है। उनका आरोप था कि प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र से दूर स्थित गांवों में धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई कर मुस्लिम समाज को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने समाज में सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने की बात कही।

बेनीवाल ने राजस्थान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस प्रदेश में मिलीभगत से काम कर रही हैं और वास्तविक विपक्ष की भूमिका केवल आरएलपी निभा रही है।

उन्होंने एसआई भर्ती, रीट परीक्षा, पेपर लीक और आरपीएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि इन मामलों की सीबीआई जांच नहीं कराए जाने से भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत सामने आती है।

रिफाइनरी परियोजना पर बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि यह परियोजना वर्षों पहले शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से देरी होने से राजस्थान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोडऩे और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजस्थान में फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं और प्रदेश सरकार नौकरशाही के भरोसे चल रही है। जगन गुर्जर हत्या मामले का उल्लेख करते हुए बेनीवाल ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर कई जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश