राजस्थान पुलिस की बीट पुलिसिंग होगी हाईटेक:बीपीएंडआरडी के साथ एमओयू
जयपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में बीट पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, जवाबदेह, जनोन्मुखी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय में सोमवार को राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीएंडआरडी), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। डीजीपी-आईजीपी कांफ्रेंस 2025 की सिफारिशों के तहत तैयार एक वर्षीय कार्ययोजना के अनुरूप बीट स्तर की पुलिसिंग को मजबूत किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा और बीपीएंडआरडी के महानिदेशक आलोक मित्तल की मौजूदगी में राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक अपराध दीपक भार्गव तथा बीपीएंडआरडी की ओर से उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन डॉ. किरण कंग सिद्धू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
बीपीएंडआरडी के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि पुलिसिंग में बीट ही बुनियादी इकाई है। उन्होंने बताया कि डीजीपी-आईजीपी कांफ्रेंस 2025 की सिफारिशों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के तहत तैयार एक वर्षीय कार्ययोजना के क्रियान्वयन की दिशा में गोवा के बाद राजस्थान दूसरा राज्य है, जिसके साथ बीपीएंडआरडी ने एमओयू किया है। उन्होंने राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से विभिन्न राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने और अपनाने का अवसर मिलेगा।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि बीट पुलिसिंग पुलिस और आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है। इसे अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता है। पारंपरिक व्यवस्था के साथ तकनीक का उपयोग बढ़ाने से बीट स्तर पर बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने चंडीगढ़ की बीट बुक व्यवस्था की सराहना करते हुए उसे अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से बीट पुलिसिंग अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह, जनसहभागी, सूचना आधारित और तकनीक-सक्षम होगी। इससे अपराध की रोकथाम, पुलिस-जन संवाद और स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्ययोजना के प्रथम चरण में प्रत्येक रेंज से एक-एक जिले का चयन करते हुए कुल नौ जिलों में नई बीट प्रणाली लागू की गई है। इनमें सीकर, जयपुर उत्तर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, कोटा शहर, डूंगरपुर, चूरू, जैसलमेर और जोधपुर पश्चिम शामिल हैं। इन जिलों से प्राप्त अनुभव, उपलब्धियों और नवाचारों के आधार पर बाद में प्रदेश के अन्य जिलों में भी व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
नई व्यवस्था में जनसंख्या, अपराध की स्थिति, भौगोलिक परिस्थितियों तथा शहरी-ग्रामीण स्वरूप के आधार पर बीट का पुनर्गठन किया जाएगा। हॉटस्पॉट, संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण संस्थानों और स्थानीय आवश्यकताओं को चिन्हित कर जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे।
बीट पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल के लिए राजकॉप ई-बीट बुक को और विकसित किया जाएगा। जीपीएस, जियो-टैगिंग, क्यूआर आधारित सुविधाएं, डिजिटल दस्तावेजीकरण और डैशबोर्ड जैसी व्यवस्थाओं का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल होगा। इससे बीट स्तर की गतिविधियों की निगरानी, सूचनाओं का अद्यतन और अधिकारियों का पर्यवेक्षण अधिक प्रभावी हो सकेगा। बीट बुक, विलेज क्राइम नोट बुक, डिजिटल बीट प्रोफाइल और अपराध व हॉटस्पॉट मैपिंग के माध्यम से स्थानीय सूचनाओं के कानूनसम्मत संग्रह, सत्यापन और उपयोग की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
नई व्यवस्था में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप, पुलिस मित्र और अन्य सामुदायिक माध्यमों को मजबूत किया जाएगा। ‘नो योर बीट ऑफिसर’ जैसी पहल के जरिए पुलिस और आमजन के बीच नियमित संवाद को संस्थागत रूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों के साथ लक्षित संवाद पर भी जोर रहेगा।
बीट पुलिसिंग की प्रभावशीलता की समीक्षा प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर की जाएगी। बीट, थाना, जिला/कमिश्नरेट और राज्य स्तर पर संरचित रिपोर्टिंग व्यवस्था विकसित होगी। बेहतर कार्य और नवाचारों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। बीट अधिकारियों और पर्यवेक्षण अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रारंभिक और पुनश्चर्या प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण तथा चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है। अकादमी सॉफ्ट स्किल्स और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू के तहत बीपीएंडआरडी सामान्य क्रियान्वयन ढांचा, प्रशिक्षण सामग्री, मॉडल प्रारूप, समीक्षा उपकरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। वहीं मैदानी एवं परिचालन व्यवस्था, स्थानीय आदेश, मानव संसाधन, रसद, प्रशिक्षण, तकनीक और अन्य परियोजना संबंधी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी राजस्थान पुलिस की होगी।
कार्यक्रम में महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था संजय अग्रवाल, महानिदेशक यातायात मालिनी अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में राजस्थान पुलिस की वर्तमान बीट व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बीपीएंडआरडी की ओर से भी नई बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए कार्ययोजना और सहयोग की जानकारी दी गई। अंत में महानिरीक्षक पुलिस अपराध शरत कविराज ने आभार जताया तथा बीपीएंडआरडी के अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

