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तीन दिवसीय मरुनिनाद घोष शिविर 12 नवंबर से

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तीन दिवसीय मरुनिनाद घोष शिविर 12 नवंबर से


जोधपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। जोधपुर की सडक़ों पर 14 नवंबर को जब घोष के स्वर गूंजेंगे, तब शहर का वातावरण राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव से सराबोर होगा। मरुनिनाद घोष शिविर के तहत जोधपुर महानगर के प्रमुख मार्गों पर होने वाले घोष संचलन को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए आयोजित बैठक में शिविर की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के साथ ही समाज, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों की सहभागिता से स्वयंसेवकों के भव्य स्वागत की योजना बनाई गई।

बैठक में जोधपुर के प्रांत सह प्रचारक राजेश कुमार ने शिविर की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 12 से 15 नवंबर तक शिकारपुर में 5,000 घोष स्वयंसेवकों का शिविर सरसंघचालक के सानिध्य में संपन्न होगा। इसी क्रम में 14 नवंबर को शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवक जोधपुर महानगर के प्रमुख मार्गों पर घोष संचलन करेंगे। इस आयोजन के माध्यम से घोष की परंपरा, अनुशासन और राष्ट्रभाव का प्रभावी स्वरूप देखने को मिलेगा। घोष संचालन के लिए शहर में तीन प्रमुख मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

इन मार्गों पर समाज के विभिन्न वर्गों, व्यापारिक संगठनों और औद्योगिक संगठनों के सहयोग से स्वयंसेवकों का स्वागत किया जाएगा। पहला मार्ग में सुमेर स्कूल से प्रारंभ होकर महामंदिर, पावटा और हाईकोर्ट के सामने से होते हुए उम्मेद स्टेडियम तक घोष संचालन होगा। दूसरे में उम्मेद स्टेडियम से नई सडक़, सोजती गेट, रेलवे स्टेशन और जालोरी गेट होते हुए गांधी मैदान तक और तीसरे मार्ग में गांधी मैदान से सी रोड, जलजोग चौराहा, बॉम्बे मोटर, आखलिया चौराहा और प्रतापनगर होते हुए केशव परिसर तक घोष संचालन होगा।

रंगोली, स्वागत द्वार और पुष्पवर्षा से सजेगा शहर

घोष संचालन को यादगार बनाने के लिए निर्धारित मार्गों पर व्यापक स्तर पर स्वागत की तैयारियां की जाएंगी। प्रमुख स्थानों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई जाएंगी, भव्य स्वागत द्वार सजाए जाएंगे और चौराहों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर मंचों से पुष्पवर्षा कर घोष स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया जाएगा। इसके साथ ही देवी-देवताओं की झांकियां, पंच परिवर्तन की थीम पर चौराहों की सजावट, बैंड-बाजों पर देशभक्ति की धुनें और स्वागत गीत आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे।

समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से पूरे शहर में उत्सव जैसा वातावरण बनाने की योजना है।बैठक में आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल रखने पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया गया। स्वयंसेवकों के स्वागत और अभिनंदन के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां निर्धारित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में राजेंद्र पालीवाल, घनश्याम ओझा, रूपाराम रलिया, पंकज भंडारी, महावीर चोपड़ा, संजय अग्रवाल, डॉ. रामगोपाल, डॉ. आशाराम, महेंद्र सिंह राजपुरोहित, सरदार प्रतिपाल सिंह वालेचा, मनीष पुरोहित, ओमप्रकाश दहिया, अमित सिंह घटिया, लक्ष्मण गहलोत, महेश शर्मा, ब्रह्मदेव, जितेंद्र जालोरी, लक्ष्मीचंद धारीवाल, शिवकुमार सोनी सहित संघ के सह प्रांत कार्यवाह धनाराम एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश