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निडर होकर सवाल पूछना ही गांधी का रास्ता: कुमार प्रशांत

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निडर होकर सवाल पूछना ही गांधी का रास्ता: कुमार प्रशांत


जोधपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली के अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपने स्वाभिमान के लिए खड़े रहना ही आज के महात्मा गांधी की नई परिभाषा है। वे यहां गांधी भवन में स्वर्गीय नेमिचंद्र जैन ‘भावुक’ की पुण्यतिथि पर आयोजित गोष्ठी में ‘गांधी आज’ विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कुमार प्रशांत ने नेमिचंद्र जैन ‘भावुक’ को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे वरिष्ठ गांधीजन रहे हैं। भावुकजी के जीवन से समझा जा सकता है कि एक साधारण इंसान भी कितनी दूर तक पहुंच सकता है और अपनी पहचान छोड़ सकता है। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जीवन भर युवाओं को गांधी के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।

‘गांधी आज’ विषय पर बोलते हुए कुमार प्रशांत ने कहा कि जो लोग भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं, वे ही वास्तव में गांधीजन हैं। हमें यह जानना चाहिए कि गांधी एक सिपाही थे, जो अपने मूल्यों के लिए लड़ते रहे। वे एक सेनापति भी थे, जो अपनी सेना के लिए लड़े। गांधी किसी से दबते नहीं थे और न ही किसी से डरते थे। उन्होंने किसी के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया। निडर गांधी जो चाहते थे, वही कहते थे और जो कहते थे, वही करते थे। उन्होंने कहा कि हमें यह भी जानना चाहिए कि सत्याग्रह की ताकत अचूक है और इसके सामने किसी का टिक पाना संभव नहीं होता। गांधी के आंदोलन हमारे जीवन के लिए सबक हैं। आज जंतर-मंतर के आंदोलन के बाद काफी कुछ बदला है। नेताओं की भाषा बदली है और कामकाज के तरीके भी बदलेंगे।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि काजी मोहम्मद तैय्यब अंसारी ने कहा कि आज के हालात गांधी विचार के विपरीत हैं। युवाओं की आवाज को दबाने के प्रयास हो रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गांधी शांति प्रतिष्ठान समिति की अध्यक्ष आशा बोथरा ने कहा कि गांधी पल-पल हमारे पास हैं। जिन दरवाजों पर जाले लगे हुए थे, जेन-जी ने उनकी सफाई की है और वे दरवाजे खोले हैं। अंत में डॉ. ओमप्रकाश टाक ने अतिथियों और उपस्थित गांधीजनों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व शैला माहेश्वरी ने ‘नहीं ऐसा जनम बारम्बार’ की प्रस्तुति दी। पूर्व प्रोफेसर एवं कुलपति प्रो. रमन दवे व सोमानी कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. एन.के. माहेश्वरी ने कुमार प्रशांत का अभिनंदन किया।

समिति के सचिव डॉ. भावेन्द्र शरद जैन ने मुख्य वक्ता कुमार प्रशांत का परिचय दिया और गांधी शांति प्रतिष्ठान समिति, जोधपुर की गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यकर्ता कमलेश सोनी का शॉल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश