मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे विद्यार्थियों—अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद
जयपुर, 19 जनवरी (हि.स.)। इस वसंच पंचमी पर राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने की दिशा में अग्रसर है। 23 जनवरी को प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में एक साथ मेगा पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। वहीं सभी पीईईओ, यूसीईईओ स्तर के विद्यालयों में निपुण मेले का आयोजन होगा। यह कार्यक्रम न केवल राज्य का अब तक का सबसे बड़ा शैक्षिक सहभागिता आयोजन होगा, बल्कि अभिभावकों की सहभागिता के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम होगा।
इस अवसर पर राज्यभर के प्रत्येक राजकीय विद्यालय में मेगा पीटीएम आयोजित की जाएगी, जिसमें अभिभावक अपने बच्चों के शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास से संबंधित जानकारी शिक्षकों से साझा मंच पर प्राप्त करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन में 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो 31 अक्टूबर को आयोजित पिछले मेगा पीटीएम में निर्धारित 41 लाख के लक्ष्य से कहीं अधिक है। शिक्षा के विकास में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को सशक्त करने की दिशा में यह प्रयास राजस्थान को न केवल राष्ट्रीय, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाएगा।
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन कॉमर्स कॉलेज, जयपुर में किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 5 हजार विद्यार्थी, 1 हजार अभिभावक, 500 शिक्षक, कॉलेज शिक्षा विभाग से 5 हजार प्रतिभागी तथा कौशल शिक्षा से जुड़े 1 हजार प्रतिभागियों की उपस्थिति संभावित है। यह आयोजन विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक की त्रिस्तरीय सहभागिता को एक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा से जुड़ी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत निःशुल्क साइकिल वितरण, लगभग 4 लाख बालिकाओं को डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरण तथा 6 लाख विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्टेशन वाउचर की राशि प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को संबोधित भी करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों के डीओआईटी केंद्रों के माध्यम से राज्य के सभी राजकीय विद्यालय, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर मुख्यमंत्री से वर्चुअली जुड़ेंगे।
मेगा पीटीएम के दिन वसंत पंचमी होने से राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में सरस्वती वंदना की जाएगी और कृष्ण भोग का आयोजन किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यालयों में सामूहिक सहभागिता एवं सकारात्मक वातावरण को भी सुदृढ़ करेगी।
प्रदेश के सभी पीईईओ एवं यूसीईईओ विद्यालयों में निपुण मेले का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा 1 से 5 के लिए निपुण राजस्थान कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बच्चों की पठन, लेखन एवं गणना क्षमता को गतिविधियों और प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। अभिभावक अपने बच्चों की सीखने की प्रगति को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि युवाओं के परिश्रम को सही दिशा देकर ही देश और प्रदेश का तेजी से विकास संभव है। इस क्रम में राज्य सरकार ने 1 लाख भर्तियों का परीक्षा कैलेण्डर जारी किया है ताकि युवाओं को भर्तियों के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ा। साथ-साथ नई युवा नीति एवं रोजगार नीति भी जारी की गई है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ ही स्वरोजगार एवं उद्यम में रुचि रखने वाले युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल सभागार में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के साथ कॉलेज शिक्षा विभाग, आरएसएलडीसी, नगर निगम, राजस्थान पुलिस, रोडवेज, चिकित्सा एवं जनसंपर्क विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

