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लघु उद्योग नाम के छोटे, लेकिन राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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लघु उद्योग नाम के छोटे, लेकिन राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


लघु उद्योग नाम के छोटे, लेकिन राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


लघु उद्योग नाम के छोटे, लेकिन राष्ट्र निर्माण में बड़ा योगदान- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


पाली/जयपुर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लघु उद्योग आकार में भले ही छोटे हों, लेकिन राष्ट्र निर्माण और रोजगार सृजन में उनका योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि गांव, ढाणी और कस्बों में रहने वाले युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को उनके स्थानीय क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाने में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए हर कदम पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पाली में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित उद्यमी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने छोटे उद्यमियों, कारीगरों और व्यापारियों को नई ऊर्जा दी है। इसी का परिणाम है कि हमारे स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लघु उद्यमियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और कृषि उत्पादों पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के लिए आवश्यक जमीन, पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना जैसे प्रमुख जल समझौतों के माध्यम से प्रदेश में पानी की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। वहीं, गंगनहर, सोम-कमला-अंबा सहित अन्य परियोजनाओं के माध्यम से भी सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसी प्रकार राजस्थान में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत केवल पूंजी से नहीं, बल्कि उद्यमियों के परिश्रम, प्रतिभा और अटूट लगन से आगे बढ़ता है। राजस्थान की डबल इंजन सरकार निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर धरातल पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। रीको द्वारा 3 हजार से अधिक एमओयू धारकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि 800 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्यमों की बेहतरी के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। पंच गौरव के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशिष्ट उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। साथ ही, राज उद्योग मित्र और राज निवेश पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 और राजस्थान एकीकृत क्लस्टर विकास योजना के तहत करोड़ों के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और उद्यमियों के सामूहिक प्रयासों से राजस्थान देश का अग्रणी औद्योगिक प्रदेश बन गया है। सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026, एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके साथ लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025, इंडस्ट्रियल पार्क पॉलिसी-2025 और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए अवसर सृजित किए गए हैं। राज्य सरकार ने कुल 37 नई नीतियां जारी की हैं, जिससे प्रदेश में व्यवसाय करना आसान हुआ है और राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

उन्होंने कहा कि जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश के औद्योगिक विकास के विजन का प्रमुख केंद्र है। इसके फेज-ए में 641 हेक्टेयर भूमि पर आधारभूत विकास एवं विद्युत कार्यों के लिए 370 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। यह क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होगा। पाली के वस्त्र उद्योग को नई गति देने के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी-2025 लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक प्रशिक्षण, टूलकिट और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार ने कारीगरों के हित में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मिलने वाले रियायती ऋण पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से वित्तीय संबल देकर हजारों युवाओं को नौकरी तलाशने वाले की बजाय नौकरी देने वाला बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल व्यापार तक सीमित ना रहकर राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य कर रही है। यह स्वावलंबन, आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तीकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बनी है। चूड़ी पर नगीने लगाने, मिट्टी के कुल्हड़ बनाने की मशीनें उपलब्ध कराने, सिलाई प्रशिक्षण, मेहंदी एवं ब्यूटी पार्लर जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ा गया है।

सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार स्थिरता और विकास के विजन के साथ लघु, कुटीर एवं स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार उद्यमियों को भूमि, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आमजन से स्थानीय उत्पादों का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उद्योग टाइम्स पुस्तिका एवं स्वयंसिद्धा पोस्टर का विमोचन किया। इस दौरान सांसद पी.पी. चौधरी, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाशचन्द गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrashekhar kuntal