स्वावलंबी विश्वविद्यालय की ओर बढ़ते कदम
जोधपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर ने आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी विश्वविद्यालय बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए संजीवनी आयुर्वेद चिकित्सालय परिसर स्थित नागार्जुन रसायनशाला की केंद्रीय फार्मेसी की व्यावसायिक इकाई का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 11 आयुर्वेदिक औषधियों का व्यावसायिक शुभारंभ भी किया गया।
शुभारंभ समारोह विश्वविद्यालय के कुलगुरु वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल की गउपस्थिति में आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. वीरेंद्र सिंह जैतावत रहे।
कार्यक्रम में फार्मेसी निदेशक डॉ. विजयपाल त्यागी एवं फार्मेसी प्रभारी डॉ. संगीता इंदोरिया ने अतिथियों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल ने केंद्रीय फार्मेसी की व्यावसायिक इकाई के शुभारंभ को विश्वविद्यालय को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रगति करते हुए अपनी पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया है। इस प्रकार के नवाचार एवं प्रयास निश्चित रूप से विश्वविद्यालय के विचारों और संकल्पों को सिद्धि की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. वीरेंद्र सिंह जैतावत नेे कहा कि इस प्रकार के प्रयास आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण एवं प्रसार को नई दिशा देने के साथ-साथ पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को संस्थागत स्तर पर प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर 11 आयुर्वेदिक औषधियों का व्यावसायिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सोहन लाल, प्रो. गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रो. महेंद्र शर्मा, प्रो. ए. नीलिमा, प्रो. राजाराम अग्रवाल, डॉ. विजयपाल त्यागी, डॉ. संगीता इंदोरिया, डॉ. मनीषा गोयल, डॉ. ब्रह्मानंद शर्मा, डॉ. देवेंद्र चाहर, डॉ. मनोज अदलख, डॉ. अरुण दाधीच, डॉ. गौरव नागर, डॉ. चंद्रभान शर्मा, डॉ. रवि प्रताप, डॉ. रवि शर्मा सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, चिकित्सक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

