home page

रीको औद्योगिक क्षेत्रों का होगा वर्गीकरण, सुविधाओं के विस्तार पर खर्च होंगे 1200 करोड़ रुपये

 | 
रीको औद्योगिक क्षेत्रों का होगा वर्गीकरण, सुविधाओं के विस्तार पर खर्च होंगे 1200 करोड़ रुपये


जयपुर, 13 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने रीको (राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम) के औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत औद्योगिक क्षेत्रों का सुविधाओं के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा और आधारभूत सुविधाओं के व्यापक सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

रीको द्वारा प्रदेश के 450 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों को उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणियों में विभाजित करने की योजना बनाई गई है। इस वर्गीकरण के बाद प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में उसकी आवश्यकता के अनुरूप सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

निगम प्रबंधन के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्रों में पानी, विद्युत की निर्बाध आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, वॉटर हार्वेस्टिंग, सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत, पौधरोपण, सार्वजनिक पार्किंग, फायर स्टेशन और स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।

साथ ही यह प्रयास किया जाएगा कि प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र को एक श्रेणी ऊपर ले जाया जा सके।

रीको का उद्देश्य है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता बढ़ाई जाए और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। इस दिशा में निगम उद्यमियों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, उन्नयन और रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी किए गए हैं, जो वर्ष 2024-25 की तुलना में लगभग 2.5 गुना अधिक है। वहीं वर्ष 2025-26 में 539 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी करवाए जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त जयपुर में प्रधानमंत्री एकता मॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

वहीं रीको एवं एनआईसीडीसी की एसपीवी रिडको द्वारा जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (चरण-ए) में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 370 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी कर कार्य शुरू किया जा चुका है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, रखरखाव और उन्नयन के लिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी करने की योजना है। इस पहल से न केवल मौजूदा उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि नए निवेशकों को भी प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित