आरजीएचएस सेवाएं बहाल करने की मांग को लेकर पेंशनर्स का प्रदर्शन, सरकार पर उपेक्षा का आरोप
अजमेर, 13 मई (हि.स.)। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) का लाभ निजी अस्पतालों में नहीं मिलने से नाराज पेंशनर्स ने बुधवार को अजमेर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। राजस्थान पेंशनर समाज जिला शाखा अजमेर के तत्वावधान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनर्स और राज्य कर्मचारियों ने भाग लिया तथा सरकार से तत्काल आरजीएचएस सेवाएं बहाल करने की मांग उठाई।
राजस्थान पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष सरदार कश्मीर सिंह ने बताया कि पिछले एक माह से अधिक समय से अजमेर सहित प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को आरजीएचएस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर विषय को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है, जबकि पेंशनर्स इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सरदार कश्मीर सिंह ने कहा कि जो सरकार अपने वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे कल्याणकारी सरकार नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार अपने खर्चों में कटौती करने को तैयार नहीं है, जबकि बजट की कमी का हवाला देकर निजी अस्पतालों के बकाया भुगतान रोके जा रहे हैं। इसी कारण अस्पताल आरजीएचएस योजना के तहत उपचार देने से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार यदि चाहे तो विधायकों और सांसदों के वेतन में कटौती कर सकती है या अनावश्यक आयोजनों पर होने वाले खर्च कम कर सकती है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं से समझौता नहीं होना चाहिए।
पेंशनर्स ने कहा कि नौकरी के दौरान कर्मचारियों के वेतन से नियमित रूप से राशि कटती रही, लेकिन अब जब उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब आर्थिक तंगी का हवाला देकर योजना के भुगतान रोके जा रहे हैं। इससे निजी अस्पतालों में इलाज प्रभावित हो रहा है और मरीजों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद राजस्थान पेंशनर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरजीएचएस योजना का लाभ तत्काल बहाल कराने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

