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एसओजी ने दिए आरजीएचएस घोटाले में पूरे प्रदेश में जांच के आदेश

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एसओजी ने दिए आरजीएचएस घोटाले में पूरे प्रदेश में जांच के आदेश


जयपुर, 05 मई (हि.स.)। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में सामने आए बड़े घोटाले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीकर में एक डॉक्टर और एक लैब संचालक की गिरफ्तारी के बाद अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पूरे प्रदेश में इसकी पड़ताल करने का निर्णय लिया है।

एसओजी के डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्ज मुकदमे में सामने आया है कि कुछ सरकारी डॉक्टरों और निजी लैब संचालकों ने मिलीभगत कर सरकारी राशि का बड़े पैमाने पर गबन किया। यह योजना सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के लिए है, जिसमें इलाज का खर्च सरकार द्वारा अस्पतालों को पुनर्भरण किया जाता है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कई मामलों में मरीजों के नाम पर जांच की राशि उठाई गई, जबकि वे संबंधित डॉक्टर के पास गए ही नहीं थे। डॉक्टरों द्वारा परामर्श पर्चियों पर अनावश्यक और महंगी जांचें लिखी जाती थीं, जिन्हें एक ही निजी लैब में करवाकर बिल को कई गुना बढ़ा दिया जाता था।

तुलनात्मक विश्लेषण में कुछ लैब के बिल अन्य लैब्स की तुलना में कई गुना अधिक पाए गए, जिससे संदेह गहराया और मामला स्वास्थ्य विभाग के संज्ञान में आया। अब तक की कार्रवाई में सीकर स्थित एक लैब के संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके दूसरे साझेदार का निधन हो चुका है। वहीं सरकारी डॉक्टर कमल कुमार अग्रवाल उर्फ केके अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी तरीके से जांच लिखने में शामिल था।

एसओजी के अनुसार अब तक की जांच में एक ही एजेंसी द्वारा करोड़ों रुपए के गबन के प्रमाण सामने आए हैं। आगे जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि फिलहाल दर्ज मुकदमा सीकर सहित दो जिलों से संबंधित है, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर पूरे राजस्थान में जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि अभी तक किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश