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गहलोत की समझाइश के बाद शुभम रेवाड़ ने तोड़ा अनशन

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गहलोत की समझाइश के बाद शुभम रेवाड़ ने तोड़ा अनशन


जयपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थानी भाषा विभाग खोलने की मांग को लेकर 15 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अस्पताल पहुंचे और शुभम का हालचाल जानने के साथ उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उन्हें पानी पिलाकर अनशन समाप्त करने की अपील की। बाद में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मुकेश भाकर सहित कांग्रेस नेताओं ने जूस पिलाकर शुभम का आमरण अनशन समाप्त कराया।

अशोक गहलोत ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला हैं और पिछले चार वर्षों से चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से विद्यार्थियों के साथ संवाद कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि छात्र राजनीति से अरुण जेटली, राजेंद्र राठौड़, रघु शर्मा, महेश जोशी सहित अनेक नेता निकले हैं और वे स्वयं भी छात्र राजनीति से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस संवेदनशील मुद्दे में स्वयं हस्तक्षेप करना चाहिए। गहलोत ने यह भी कहा कि उन्होंने जयपुर जिला कलक्टर से इस संबंध में चर्चा की है तथा सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता गुरुचरण छाबड़ा के अनशन का जिक्र किया और सरकारों को जनहित के मुद्दों पर संवेदनशील रहने की नसीहत दी। उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए महिलाओं की एंबुलेंस सेवा बंद होने सहित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई।

शाम को जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक भी एसएमएस अस्पताल पहुंचे और शुभम रेवाड़ से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा विभाग खोलने की मांग स्वीकार कर ली गई है। वहीं छात्रसंघ चुनाव की मांग पर सरकार से उच्च स्तर पर चर्चा कर जल्द सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया गया।

अनशन समाप्त करने के बाद शुभम रेवाड़ ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने और अन्य छात्रहितों की मांगों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जेएलएन मार्ग स्थित राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर विद्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी, साफ-सफाई और आधारभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर समस्याओं के समाधान की मांग करने की बात कही। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी विद्यालय पहुंचकर बच्चों की समस्याएं सुनीं और उन्हें विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश