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राजस्थान के 309 शहरी निकायों में आरक्षण लॉटरी: जयपुर-जोधपुर समेत चार निगमों में मेयर पद अनारक्षित

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राजस्थान के 309 शहरी निकायों में आरक्षण लॉटरी: जयपुर-जोधपुर समेत चार निगमों में मेयर पद अनारक्षित


जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार गुरुवार को खत्म हो गया। राजधानी जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग में प्रदेश के 309 शहरी निकायों के निकाय प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। आरक्षण की तस्वीर सामने आते ही प्रदेश के नगर निगमों से लेकर नगर परिषद और नगर पालिकाओं तक राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। अब संभावित दावेदारों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकट वितरण और वार्ड आरक्षण पर टिक गई हैं।

लॉटरी के अनुसार प्रदेश के 309 शहरी निकायों में 50 पद अनुसूचित जाति, 11 अनुसूचित जनजाति, 60 अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 188 निकायों के प्रमुख पद अनारक्षित रखे गए हैं। अनारक्षित पदों पर किसी भी वर्ग के उम्मीदवार के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता खुला रहेगा।

प्रदेश के प्रमुख नगर निगमों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर में महापौर का पद अनारक्षित रखा गया है। इसका सीधा मतलब है कि इन चारों नगर निगमों में किसी भी वर्ग का उम्मीदवार महापौर बन सकता है।

आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद इन शहरों में महापौर पद के संभावित दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने के आसार हैं।

वहीं कोटा नगर निगम का महापौर पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इससे कोटा में राजनीतिक दलों को अब महिला ओबीसी उम्मीदवार के चयन के हिसाब से अपनी रणनीति तैयार करनी होगी। लॉटरी में कई प्रमुख नगर निगमों में महिला नेतृत्व का रास्ता साफ हुआ है। अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर और भरतपुर-पाली में महापौर पद अनारक्षित महिला के लिए रखा गया है। इससे इन नगर निगमों में महिला पार्षदों और संभावित महिला उम्मीदवारों की दावेदारी महत्वपूर्ण हो गई है।

निकाय प्रमुखों के आरक्षण के बाद अब निगाहें 17 अगस्त को होने वाली वार्ड आरक्षण की लॉटरी पर हैं। जिलों में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के वार्डों का आरक्षण कलेक्टर स्तर पर किया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला आरक्षण के आधार पर वार्डों का निर्धारण होगा।

लाटरी के अनुसार नगर परिषदों में अजमेर जिले में किशनगढ़ नगर परिषद का पद सामान्य यानी अनारक्षित रखा गया है, जबकि पिछली बार भी यह सामान्य था। पुष्कर नगर परिषद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। ब्यावर जिले की ब्यावर नगर परिषद सामान्य यानी अनारक्षित है, जबकि पिछली बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। भीलवाड़ा की शाहपुरा नगर परिषद भी सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार ओबीसी के लिए थी।

डीडवाना-कुचामन जिले में डीडवाना नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, कुचामन सिटी सामान्य अनारक्षित है और मकराना भी सामान्य अनारक्षित है। पिछली बार डीडवाना सामान्य महिला, कुचामन सिटी सामान्य और मकराना सामान्य महिला के लिए आरक्षित थे। नागौर नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। टोंक नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार भी सामान्य थी।

डीग नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार ओबीसी थी। धौलपुर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार सामान्य महिला थी।

करौली नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। वहीं हिंडौन नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार अनुसूचित जाति के लिए थी। सवाई माधोपुर नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार अनुसूचित जाति के लिए थी। गंगापुर सिटी नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार भी सामान्य थी। चूरू नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार ओबीसी महिला के लिए थी। सुजानगढ़ नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। हनुमानगढ़ नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। श्रीगंगानगर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी।

दौसा नगर परिषद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। लालसोट नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। जयपुर जिले की चौमूं और शाहपुरा नगर परिषदें सामान्य अनारक्षित हैं। चौमूं पिछली बार भी सामान्य थी, जबकि शाहपुरा पिछली बार ओबीसी के लिए आरक्षित थी। झुंझुनूं नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। खैरथल नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, तिजारा नगर परिषद भी सामान्य अनारक्षित है, जबकि भिवाड़ी नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है। कोटपूतली नगर परिषद और बहरोड़ नगर परिषद दोनों सामान्य अनारक्षित हैं और पिछली बार भी सामान्य थीं।

सीकर नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। फतेहपुर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार ओबीसी के लिए आरक्षित थी। बालोतरा नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। बाड़मेर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार ओबीसी थी।

जैसलमेर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार भी सामान्य थी। जालोर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार अनुसूचित जाति के लिए थी। फलौदी नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार भी सामान्य थी। सिरोही नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। बारां नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है और पिछली बार भी सामान्य महिला थी।

बूंदी नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य महिला थी। झालावाड़ नगर परिषद ओबीसी के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। चित्तौड़गढ़ नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है और पिछली बार भी सामान्य थी। निंबाहेड़ा नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी।

बांसवाड़ा नगर परिषद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार सामान्य थी। डूंगरपुर नगर परिषद सामान्य अनारक्षित है, जबकि पिछली बार अनुसूचित जनजाति के लिए थी। राजसमंद और सलूंबर नगर परिषदें सामान्य अनारक्षित हैं, जबकि राजसमंद पिछली बार ओबीसी और सलूंबर सामान्य था। प्रतापगढ़ नगर परिषद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है, जबकि पिछली बार ओबीसी महिला थी।

अजमेर जिले में केकड़ी, नसीराबाद और पीसांगन नगर पालिकाएं सामान्य अनारक्षित हैं। सरवाड़ ओबीसी के लिए आरक्षित है, सावर सामान्य महिला और तांतोली सामान्य अनारक्षित है। पिछली आरक्षण स्थिति क्रमशः सामान्य, सामान्य महिला, नई, सामान्य महिला, नई और नई रही।

ब्यावर जिले में जैतारण ओबीसी, मसूदा सामान्य और बिजयनगर सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। भीलवाड़ा जिले में आसींद, बनेड़ा और बिगोद सामान्य अनारक्षित हैं, जबकि बिजौलिया, गंगापुर, गुलाबपुरा और मांडलगढ़ सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। हमीरगढ़ ओबीसी के लिए और जहाजपुर सामान्य अनारक्षित है।

डीडवाना-कुचामन जिले में लाडनूं और नावां ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं। खाटू खुर्द सामान्य अनारक्षित, बोरावड़ अनुसूचित जाति महिला, परबतसर सामान्य अनारक्षित है। नागौर जिले में बासनी ओबीसी, डेगाना सामान्य, जायल ओबीसी महिला, कुचेरा सामान्य, मेड़ता सिटी सामान्य महिला, मेड़ता रोड अनुसूचित जाति महिला, रियांबड़ी ओबीसी और मारवाड़-मूंडवा सामान्य अनारक्षित है।

टोंक जिले में देवली, डिग्गी, मालपुरा, निवाई, पीपलू, टोडाराय सिंह और उनियारा सामान्य अनारक्षित हैं। दूनी अनुसूचित जाति महिला और लांबा हरिसिंह सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।

भरतपुर जिले में बयाना और भुसावर सामान्य अनारक्षित, वैर सामान्य महिला, नदबई सामान्य अनारक्षित, रूपबास ओबीसी और उच्चैन सामान्य अनारक्षित है।

डीग जिले में कामां, कुम्हेर और पहाड़ी सामान्य अनारक्षित हैं, नगर ओबीसी और सीकरी सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। धौलपुर जिले में बाड़ी, बसेड़ी, मनिया और सैंपऊ सामान्य अनारक्षित हैं, जबकि राजाखेड़ा और सरमथुरा ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हैं। करौली जिले में मंडरायल सामान्य अनारक्षित, सपोटरा और सुरौठ अनुसूचित जाति महिला तथा टोडाभीम भी अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है।

सवाई माधोपुर जिले में बामनवास और वजीरपुर सामान्य अनारक्षित हैं, जबकि बोंली ओबीसी के लिए आरक्षित है।

बीकानेर जिले में देशनोक और श्रीडूंगरगढ़ सामान्य अनारक्षित हैं, खाजूवाला, लूणकरणसर और नोखा ओबीसी के लिए तथा नापासर अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है।

चूरू जिले में बिदासर और छापर सामान्य महिला, राजलदेसर, रतनगढ़, रतननगर और तारानगर सामान्य अनारक्षित हैं। राजगढ़ और सरदारशहर ओबीसी के लिए आरक्षित हैं, जबकि साहवा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। हनुमानगढ़ जिले में भादरा, नोहर, पीलीबंगा और रावतसर सामान्य अनारक्षित हैं, गोलूवाला अनुसूचित जाति, संगरिया सामान्य महिला और टिब्बी सामान्य अनारक्षित है।

श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़, सादुलशहर और सूरतगढ़ सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। गजसिंहपुर, घड़साना, पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीकरणपुर और श्रीविजयनगर सामान्य अनारक्षित हैं। केसरीसिंहपुर ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है।

अलवर जिले में बहादुरपुर ओबीसी, बड़ौदामेव अनुसूचित जाति महिला, गोविंदगढ़ सामान्य महिला, कठूमर अनुसूचित जाति महिला, खेड़ली सामान्य, लक्ष्मणगढ़ सामान्य महिला, मालाखेड़ा अनुसूचित जनजाति, नौगांव ओबीसी महिला, रामगढ़ अनुसूचित जाति महिला, थानागाजी सामान्य महिला और राजगढ़ ओबीसी के लिए आरक्षित है।

दौसा जिले में बांदीकुई ओबीसी महिला, बसवा सामान्य, भांडारेज अनुसूचित जाति महिला, लवाण अनुसूचित जनजाति महिला, महवा सामान्य, मंडावर, मंडावरी और रामगढ़ पचवारा अनुसूचित जनजाति तथा सिकराय अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है।

जयपुर जिले में बगरू सामान्य महिला, बस्सी अनुसूचित जाति महिला, चाकसू सामान्य, दूदू सामान्य, जमवारामगढ़ अनुसूचित जाति महिला, जोबनेर सामान्य महिला, कालाडेरा सामान्य, कानोता अनुसूचित जाति महिला, खेजरोली सामान्य महिला, किशनगढ़ रेनवाल सामान्य महिला, मनोहरपुर अनुसूचित जाति महिला, नरेना सामान्य, फागी सामान्य, फुलेरा सामान्य और वाटिका अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है।

झुंझुनूं जिले में बगड़, जाखल, मंडावा, मुकुंदगढ़, पिलानी, सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी सामान्य अनारक्षित हैं। बिसाऊ, मंडरेला, नवलगढ़, सिंघाना और सुल्ताना सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। बुहाना अनुसूचित जाति महिला, चिड़ावा, डूंडलोद और मलसीसर ओबीसी, खेतड़ी ओबीसी महिला और विद्या विहार ओबीसी के लिए आरक्षित है।

खैरथल-तिजारा जिले में किशनगढ़बास और टपूकड़ा सामान्य अनारक्षित हैं, कोटकासिम सामान्य महिला तथा मुंडावर ओबीसी के लिए आरक्षित है। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में बानसूर, मांढण और प्रागपुरा सामान्य, बर्डोद, नारायणपुर और पावटा सामान्य महिला, नीमराना ओबीसी महिला तथा विराटनगर ओबीसी के लिए आरक्षित है।

सीकर जिले में अजीतगढ़, दांता, पलसाना, रींगस और श्रीमाधोपुर ओबीसी, धोद अनुसूचित जाति, रामगढ़ शेखावाटी, खंडेला, लक्ष्मणगढ़, लोसल और नीमकाथाना सामान्य, खाटूश्यामजी ओबीसी महिला तथा फतेहपुर सामान्य अनारक्षित है।

बालोतरा जिले में जसोल ओबीसी महिला, समदड़ी और सिणधरी अनुसूचित जाति, जबकि सिवाना सामान्य अनारक्षित है। बाड़मेर जिले में चौहटन सामान्य, धोरीमन्ना अनुसूचित जाति महिला और गुढ़ामालानी सामान्य महिला है।

जैसलमेर में पोकरण सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। जालोर जिले में आहोर ओबीसी, भीनमाल और सांचौर सामान्य, जबकि सायला अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

जोधपुर जिले में बालेसर साता ओबीसी महिला, भोपालगढ़ और बिलाड़ा ओबीसी, मथानिया अनुसूचित जाति महिला, पीपाड़ सिटी सामान्य महिला और तिंवरी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पाली जिले में बाली सामान्य महिला, फालना ओबीसी महिला, मारवाड़ जंक्शन अनुसूचित जाति, रानी खुर्द ओबीसी, सादड़ी, सोजत सिटी और सुमेरपुर सामान्य, जबकि तख्तगढ़ सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।

फलौदी जिले में बाप अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। सिरोही जिले में आबू रोड सामान्य महिला, मंडार अनुसूचित जाति, माउंट आबू, पिंडवाड़ा और शिवगंज सामान्य अनारक्षित हैं।

बारां जिले में अंता ओबीसी, अटरू अनुसूचित जाति, छबड़ा सामान्य महिला, मांगरोल और सीसवाली सामान्य अनारक्षित हैं।

बूंदी जिले में हिंडौली, केसोरायपाटन और नैनवां सामान्य अनारक्षित हैं, जबकि इंद्रगढ़ और कापरेन सामान्य महिला तथा लाखेरी सामान्य अनारक्षित है। झालावाड़ जिले में अकलेरा ओबीसी महिला, भवानीमंडी सामान्य, डग अनुसूचित जाति महिला, झालरापाटन सामान्य, खानपुर सामान्य महिला, मनोहरथाना और पिड़ावा सामान्य अनारक्षित हैं।

कोटा जिले में इटावा सामान्य महिला, रामगंजमंडी और सांगोद सामान्य, सुकेत ओबीसी तथा सुल्तानपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

बांसवाड़ा जिले में कुशलगढ़ ओबीसी और प्रतापुरगढ़ी सामान्य अनारक्षित है। डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगर पालिका ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है।

प्रतापगढ़ जिले में धरियावद ओबीसी, अरनोद अनुसूचित जनजाति और छोटी सादड़ी सामान्य अनारक्षित है। चित्तौड़गढ़ जिले में अकोला अनुसूचित जाति, बड़ी सादड़ी और रावतभाटा सामान्य, बेगूं और कपासन सामान्य महिला के लिए आरक्षित हैं। राजसमंद जिले में आमेट और नाथद्वारा सामान्य, भीम सामान्य महिला और देवगढ़ ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है।

अंत में उदयपुर जिले में भिंडर और खेरवाड़ा सामान्य अनारक्षित हैं, फतेहनगर सामान्य महिला, कानोड़ ओबीसी, मावली अनुसूचित जनजाति और वल्लभनगर अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित