प्रवासी राजस्थानियों से रिश्ते मजबूत करेगी राज्य सरकार
नई दिल्ली/जयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। । राजस्थान सरकार ने देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों के साथ संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अब राज्य सरकार के सभी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली, अन्य राज्यों तथा विदेश यात्राओं के दौरान राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर के पदाधिकारियों और प्रवासी राजस्थानियों से मुलाकात करेंगे।
राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष सीए रामअवतार कीला ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और उद्योग विभाग के अतिरिक्त सचिव शिखर अग्रवाल के साथ हुई विभिन्न वर्चुअल बैठकों में यह मांग रखी थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
राम अवतार कीला ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान समिट और प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों के माध्यम से प्रवासी समुदाय को राज्य के विकास से जोड़ने की गंभीर पहल की। इसी सक्रियता का परिणाम है कि निवेश के क्षेत्र में राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में आठवें स्थान से तीसरे स्थान तक पहुंच बनाई है।
उन्होंने कहा कि देश और विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी, जिन्हें व्यापक रूप से मारवाड़ी समुदाय के रूप में जाना जाता है, जहां भी स्थापित हैं वहां आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। वे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, बल्कि रोजगार सृजन और निवेश के माध्यम से भारत तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वर्तमान में राजस्थान फाउंडेशन के कुल 26 चैप्टर संचालित हैं, जिनमें से 12 विदेशों में सक्रिय हैं। ये चैप्टर राज्य से जुड़े प्रवासियों को निवेश, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक सहयोग और विकास योजनाओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में नई दिल्ली के होटल अशोक में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) इन्वेस्टमेंट समिट के आयोजन में भी राम अवतार कीला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आगामी 23 से 25 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाला ग्राम-2026 सम्मेलन राजस्थान में निवेश और वैश्विक भागीदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
राजस्थान सरकार का यह कदम प्रवासी राजस्थानियों को राज्य के विकास में और अधिक सक्रिय भागीदारी देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर राजस्थान की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

