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रिक्रूटमेंट पोर्टल में सेंधमारी का प्रयास करने के खिलाफ आयोग का कड़ा रुख

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रिक्रूटमेंट पोर्टल में सेंधमारी का प्रयास करने के खिलाफ आयोग का कड़ा रुख


अजमेर, 13 जून(हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया को दूषित करने के किसी भी दुर्भावनापूर्ण प्रयास के विरुद्ध एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया गया है। खान एवं भूविज्ञान विभाग के लिए आयोजित सहायक खनिज अभियंता भर्ती परीक्षा-2024 के तीन अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदनों को एक अनधिकृत व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से 'प्रत्याहरित' (विथड्रॉ) करने का मामला संज्ञान में आते ही आयोग ने त्वरित कार्रवाई की है।

इस संबंध में आयोग द्वारा साइबर पुलिस स्टेशन, अजमेर में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 0009/2026 दर्ज करा दी गई है।

सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 के तहत लिखित परीक्षा के बाद आयोग द्वारा 31 जुलाई 2025 को विचारित सूची यानी दोगुना अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। इस सूची में शामिल एक अभ्यर्थी ने 1 जनवरी 2026 को आयोग को ईमेल के जरिए सूचित किया कि उसे 29 दिसंबर 2025 की शाम को एक एसएमएस प्राप्त हुआ है, जिसमें उसका आवेदन वापस होने की बात कही गई है। अभ्यर्थी ने स्पष्ट किया कि उसने स्वयं ऐसा कोई प्रयास नहीं किया था और आवेदन को पुनः बहाल करने की मांग की। चूंकि आयोग द्वारा उस दौरान एप्लीकेशन विथड्रॉ करने के लिए ऐसा कोई भी लिंक या विंडो ओपन नहीं की गई थी, इसलिए आरपीएससी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, जयपुर को विस्तृत तकनीकी जांच के लिए आधिकारिक पत्र लिखे।

सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग, जयपुर द्वारा की गई गहन तकनीकी जांच की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई, कि यह किसी तकनीकी खराबी का मामला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। जांच में सामने आया कि किसी तकनीकी जानकार व्यक्ति द्वारा जानबूझकर रिक्रूटमेंट पोर्टल को अवैध रूप से एक्सेस किया गया था। इस अनधिकृत व्यक्ति द्वारा तीनों अभ्यर्थियों के आवेदन वापस लेने से ठीक कुछ समय पहले यानी 29 दिसंबर 2025 को शाम 6:16 बजे पोर्टल पर एक नया यूजर क्रिएट किया गया था। इस शातिर कृत्य से कुल तीन अभ्यर्थियों के आवेदनों को विथड्रॉ कर उनकी अभ्यर्थिता समाप्त करने का प्रयास किया गया ताकि अन्य किसी को अनुचित लाभ मिल सके। डिजिटल फॉरेंसिक जांच में इस अवैध कृत्य के लिए प्रयुक्त एसएसओ आईडी RRSINHA345, ईमेल RRSINHA345@GMAIL.COM तथा आईपी एड्रेस 117.214.118.76 को स्पष्ट रूप से चिन्हित किया गया है।

अज्ञात आरोपित द्वारा किया गया यह कृत्य परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाने का एक गंभीर आपराधिक प्रयास है। आरपीएससी की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) यानी धोखाधड़ी तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66, 66डी, 43 एवं 43ए के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की शुचिता को लेकर अत्यंत संवेदनशील है। डिजिटल माध्यमों या रिक्रूटमेंट पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर परीक्षा प्रक्रिया को दूषित करने वाले किसी भी तत्व को कतई बख्शा नहीं जाएगा। आयोग सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग और साइबर पुलिस के समन्वय से इस मामले के मूल आरोपित तक पहुंचकर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष