अनाजों से सजाई रंगोली, थाली में उतरा पोषण
कृषि विश्वविद्यालय में दिखा विद्यार्थियों का हुनर
जोधपुर, 17 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि विश्वविद्यालय के डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय प्रतियोगिताओं के समापन व प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने की। कार्यक्रम में निदेशक एचआरडी डॉ. महेंद्र कुमार भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. वीरेंद्र सिंह जैतावत ने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली में पोषण सुरक्षा और खाद्य नवाचार समय की सबसे बड़ी मांग हैं। विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक मोटे अनाजों (मिलेट्स) और डेयरी उत्पादों का उपयोग कर तैयार किए गए पौष्टिक व्यंजन यह साबित करते हैं कि हमारी युवा पीढ़ी स्वास्थ्य के प्रति सजग है। कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को ऐसे नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आमजन तक सुलभ, किफायती और पौष्टिक आहार पहुंचाने में मददगार साबित हों। महाविद्यालय की ओएसडी डॉ. नलिनी रामावत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा, विश्व खाद्य दिवस हमें भोजन के सही मूल्य और पोषण के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है।
विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी डॉ संगीता शर्मा ने बताया कि डेयरी महाविद्यालय में संकाय सदस्यों के निर्देशन में मिलेट इनोवेशन चैलेंज, डेयरी इनोवेशन- बियॉन्ड मिल्क, टेस्ट बड्स, फूड रंगोली, ग्रेन डिटेक्टिव एवं फूड एंड न्यूट्रिशन क्विज जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए न्यूट्रिशन से भरपूर डेयरी उत्पाद, लौकी की खीर, मिलेट्स लड्डू, मल्टीग्रेन इडली और रसगुल्ला सहित अन्य कई स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार किए। समारोह के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ माया शर्मा ने किया एवं डॉ प्रशांत साहनी ने आभार जताया। इस अवसर पर महाविद्यालय के संकाय सदस्य डॉ. रेखा रानी, डॉ. रश्मि भिंडा एवं डॉ. अंकुर त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

