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शिलान्यास के एक साल बाद भी अधूरी सड़कें, रोड़ी डालकर छोड़ा काम

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शिलान्यास के एक साल बाद भी अधूरी सड़कें, रोड़ी डालकर छोड़ा काम


शिलान्यास के एक साल बाद भी अधूरी सड़कें, रोड़ी डालकर छोड़ा काम


जयपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। जयपुर के रामनगरिया इलाके में सड़कों के डामरीकरण का काम शिलान्यास के एक साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से बनाई जाने वाली सड़कों पर फिलहाल रोड़ी और गिट्टी बिखरी पड़ी है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि उबड़-खाबड़ सड़कों के कारण दुपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर घायल हो रहे हैं। लोगों ने काम अधूरा छोड़ने पर नाराजगी जताते हुए विभाग से जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर 2025 को बगरू विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने रामनगरिया क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण कार्य का शिलान्यास किया था। इन कार्यों पर करीब 3 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च किए जाने थे। एक साल बीतने के बाद भी सड़कें पूरी नहीं बन पाई हैं। शिलान्यास पट्टिका पर भी 385 लाख रुपये की लागत का उल्लेख है। विजय पैराडाइज 160 फीट रोड, रामनगरिया श्मशान घाट से नाथू करोड़ की ढाणी तक, शिवनगर-3 के पास रामेश्वर जाट की ढाणी, आशादीप श्रीपरमपुरम कॉलोनी, रामनगरिया विस्तार से रामनाथ की ढाणी, शिवनगर विस्तार और हाईटेंशन रोड से बोखला की ढाणी तक सड़क निर्माण किया जाना था। इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 10 किलोमीटर बताई जा रही है।

स्थानीय निवासी मुकुट बिहारी शर्मा ने बताया कि एक साल पहले सड़कों के काम का शिलान्यास हुआ था, लेकिन अब तक डामरीकरण नहीं किया गया। सड़कों पर केवल रोड़ी और गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं।

एक अन्य स्थानीय निवासी श्यामलाल ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य अधूरा छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि शिलान्यास के बाद विधायक ने भी मौके पर आकर काम की प्रगति की जानकारी नहीं ली और न ही स्थानीय लोगों की परेशानी जानी। हालांकि, निर्माण राशि के कथित दुरुपयोग और मिलीभगत से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दूसरी ओर, सड़क निर्माण कार्यों में देरी की एक वजह डामर की कीमतों में बढ़ोतरी भी बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निर्माण सामग्री महंगी हुई है। ठेकेदारों का कहना है कि निर्धारित दरों पर काम करने के कारण लागत बढ़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है। इसी वजह से जयपुर में कई सड़क परियोजनाओं के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हालांकि, रामनगरिया की इन सड़कों का काम इसी कारण रुका है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग के चाकसू वृत्त के अधिशासी अभियंता के.के. शर्मा ने कहा कि संबंधित सड़कें कच्ची बना दी गई थीं, लेकिन डामर महंगा होने के कारण आगे का काम नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें रामनगरिया की इन सड़कों की पूरी जानकारी नहीं है। वह मामले की जानकारी लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश