नए मानसूनी तंत्र से राजस्थान में बारिश तेज, डीग में 158 मिमी वर्षा
जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश में सक्रिय नए मानसूनी तंत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। गुरुवार को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 158 मिमी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने आगामी एक सप्ताह तक पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय रहने तथा 7 से 10 अगस्त के बीच कई संभागों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भीलवाड़ा, अलवर, डूंगरपुर, संगरिया, दौसा, प्रतापगढ़, भरतपुर, करौली और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। डीग के पहाड़ी में 158 मिमी, अलवर के कठूमर में 75 मिमी, भरतपुर के भुसावर में 70 मिमी, डीग के सीकरी में 77 मिमी, धौलपुर के सरमथुरा में 70 मिमी, करौली के मासलपुर में 83 मिमी, सुरेठ में 70 मिमी तथा सवाई माधोपुर के तलवाड़ा में 70 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, भरतपुर, सवाई माधोपुर, धौलपुर और करौली में रुक-रुककर हुई बारिश से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। अलवर में सिलीसेढ़ झील में पानी लाने वाली बरसाती नदी उफान पर रही। धौलपुर के बसेड़ी और बाड़ी क्षेत्र में भी तेज बारिश से कई घरों में पानी घुस गया। भरतपुर के बयाना और सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में भी सड़कों तथा निचले इलाकों में जलभराव देखा गया।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी भाग के ऊपर बना ऊपरी परिसंचरण तंत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ लाइन के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में अलवर, भरतपुर, डीग और धौलपुर जिलों में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश दर्ज की गई। भरतपुर जिले के कुम्हेर में 141 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
उन्होंने बताया कि 7 से 10 अगस्त के दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी होगी तथा कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। 7 से 9 अगस्त के दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश भी हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी इसी अवधि के दौरान मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

