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अष्टम पोषण पखवाड़ा में राजस्थान फिर बना देश का नंबर-वन

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अष्टम पोषण पखवाड़ा में राजस्थान फिर बना देश का नंबर-वन


जयपुर, 01 मई (हि.स.)। राजस्थान ने महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध करते हुए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित “अष्टम पोषण पखवाड़ा 2026” में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नौ अप्रैल से 23 अप्रैल तक चले इस अभियान में प्रदेश ने सर्वाधिक गतिविधियां आयोजित कर 112.33 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की।

उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर महिला एवं बाल विकास विभाग, आईसीडीएस अधिकारियों, जिला प्रशासन, महिला पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए इसे राजस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

राज्य के 41 जिलों के 62,139 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 45,37,229 गतिविधियों का आयोजन किया गया, जो प्रदेश की अभूतपूर्व सक्रियता और जनभागीदारी को दर्शाता है।

अभियान की थीम “जीवन के प्रथम छह वर्षों में अधिकतम मस्तिष्क विकास” रही, जिसके तहत बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं और समुदाय को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम ने बताया कि अभियान के पहले दिन से ही राजस्थान राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर शीर्ष स्थान पर बना रहा और समापन तक यह उपलब्धि कायम रही।

आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि पखवाड़े के दौरान मातृ एवं शिशु पोषण, खेल आधारित शिक्षा, स्क्रीन टाइम में कमी, प्रारंभिक मस्तिष्क विकास तथा सामुदायिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की गईं।

प्रमुख उपलब्धियों में गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर, बच्चों के मानसिक विकास के लिए “दादी-नानी की जुबानी” कार्यक्रम, खिलौना कार्यशालाएं, नो स्क्रीन आवर एवं फैमिली प्ले टाइम अभियान, पोषण मेले, पोस्टर प्रतियोगिताएं और डिजिटल जनजागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए संसाधन जुटाने की पहल शामिल रही।

अभियान के अंतिम चरण में सोशल मीडिया, क्विज, नारा लेखन और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से जन-जन तक पोषण का संदेश पहुंचाया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित