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राजस्थान को केंद्र से मिले 16,620 करोड़ रुपये, छह महीने में योजनाओं पर 1.02 लाख करोड़ खर्च

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राजस्थान को केंद्र से मिले 16,620 करोड़ रुपये, छह महीने में योजनाओं पर 1.02 लाख करोड़ खर्च


जयपुर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों में सरकारी योजनाओं पर खर्च की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले तेज रही है। सितंबर के अंत तक प्रदेश में योजनागत बजट के तहत 1,01,969.52 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में हुए 87,695.12 करोड़ रुपये के खर्च से 16.28 प्रतिशत अधिक है। वहीं, केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए राजस्थान को 16,619.72 करोड़ रुपये की राशि मिली है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में केंद्रीय राशि में 8.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर केंद्र से मिलने वाली राशि, केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं पर हुए खर्च और प्रदेश के योजनागत बजट की प्रगति का ब्योरा दिया। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर खर्च बढ़ा है।

केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त योजनाओं के तहत राजस्थान में सितंबर 2026 के अंत तक 12,773.84 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह राशि 10,650.56 करोड़ रुपये थी। इस तरह केंद्रीय सहायता वाली योजनाओं पर खर्च में 19.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

केंद्र से मिलने वाली राशि और केंद्रीय योजनाओं के तहत हुए खर्च के आंकड़े अलग-अलग हैं।

प्रदेश को सितंबर तक 16,619.72 करोड़ रुपये की केंद्रीय राशि मिली, जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत 12,773.84 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि प्राप्त राशि का पूरा हिस्सा खर्च हो चुका है, क्योंकि राशि जारी होने और खर्च दर्ज होने की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है।

योजनागत बजट के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्थान ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14,274.40 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए हैं। सितंबर तक कुल योजनागत व्यय 1.02 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।

बजट खर्च में यह बढ़ोतरी विकास योजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और विभिन्न विभागों के कार्यों के क्रियान्वयन की गति को दर्शाती है। हालांकि, खर्च बढ़ने का वास्तविक असर कितना रहा, इसका आकलन संबंधित योजनाओं के तहत हुए कार्यों और उनके परिणामों के आधार पर किया जा सकेगा।

प्रदेश में निवेश गतिविधियों के मोर्चे पर भी सरकार ने प्रगति दर्ज की है।

मुख्य सचिव की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राजनिवेश पोर्टल पर 11,739.27 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसी अवधि में 31,892 आवेदनों को मंजूरी दी गई। यह संख्या पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में दी गई 29,536 मंजूरियों से भी अधिक है। यानी चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह महीनों में ही पिछले पूरे साल की तुलना में 2,356 अधिक मंजूरियां दी गईं।

हालांकि, निवेश प्रस्तावों की राशि और आवेदनों की मंजूरी को वास्तविक निवेश या शुरू हो चुकी परियोजनाओं के बराबर नहीं माना जा सकता। इन प्रस्तावों का धरातल पर उतरना और उनसे रोजगार व आर्थिक गतिविधियों का सृजन होना आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की एक्स पर की गई पोस्ट में साझा आंकड़े राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं की प्रगति की तस्वीर पेश करते हैं। एक ओर योजनागत बजट व्यय में 16.28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, तो दूसरी ओर केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं पर खर्च में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, निवेश पोर्टल पर मंजूरियों की संख्या भी पिछले पूरे वित्तीय वर्ष के आंकड़े को पार कर गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित