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रेलवे स्टेशन बने डिजिटल पाठशाला, फ्री वाई-फाई से बदल रही तस्वीर

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रेलवे स्टेशन बने डिजिटल पाठशाला, फ्री वाई-फाई से बदल रही तस्वीर


उत्तर पश्चिम रेलवे के 419 स्टेशन इंटरनेट से जुड़े, छात्र-यात्रियों को मिल रहा नया सहारा

जोधपुर, 25 मई (हि.स.)। कभी रेलवे स्टेशन केवल ट्रेनों के इंतजार का ठिकाना हुआ करते थे लेकिन अब ये डिजिटल ज्ञान और तकनीक के नए केंद्र बनते जा रहे हैं। भारतीय रेलवे की डिजिटल इंडिया पहल के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपने 95 प्रतिशत स्टेशनों को मुफ्त वाई-फाई सुविधा से जोड़ दिया है। इसके साथ ही पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद रेलवे स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार पर भी यह डिजिटल सुविधा प्रारंभ की जाएगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवायर ब्रांड के तहत मिल रही इस सुविधा ने खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों व दैनिक यात्रियों की जिंदगी आसान बना दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे के कुल 419 स्टेशन अब इंटरनेट सुविधा से लैस हैं। इनमें जोधपुर मंडल के 120, बीकानेर के 124, जयपुर के 89 और अजमेर मंडल के 86 स्टेशन शामिल हैं। रेलवे स्टेशन पर यात्री अपने मोबाइल में रेलवायर नेटवर्क चुनकर ओटीपी के जरिए आसानी से इंटरनेट सेवा से जुड़ सकते हैं। कुछ ही क्षणों में मोबाइल स्क्रीन पर ज्ञान, जानकारी और दुनिया भर की डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं।

स्टेशनों पर अब अक्सर ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जहां कोई छात्र ऑनलाइन नोट्स डाउनलोड कर रहा है, तो कोई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटा है। दैनिक यात्री डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन टिकटिंग और अपने व्यापारिक कार्य भी आसानी से निपटा रहे हैं। विशेष बात यह है कि जिन इलाकों में इंटरनेट की पहुंच अब तक सीमित रही, वहां रेलवे स्टेशन डिजिटल अध्ययन केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। तकनीक की यह पहल गांव और शहर के बीच की दूरी कम करने के साथ युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दे रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश