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रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों और रेल परिसर में आपराधिक मामलों पर कसी लगाम : 1407 मामलाें में 3.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला

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रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों और रेल परिसर में आपराधिक मामलों पर कसी लगाम : 1407 मामलाें में 3.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला


जयपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा ट्रेन और रेल परिसर में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्वता के साथ-साथ सेवा ही संकल्प अन्तर्गत आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ज्योति कुमार सतीजा के कुशल नेतृत्व में निरन्तर अग्रसर रहकर रेलवे परिसर, रेल यात्रियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने में समर्पण और दक्षता का उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिसके तहत विभिन्न अभियानों में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेल यात्रियों को भिन्न-भिन्न तरीकों से सेवा प्रदान कर रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा एकीकृत सुरक्षा प्रणाली लागू कर ट्रेनों और रेल परिसर में अपराधों की रोकथाम में अत्यधिक सफलता प्राप्त की है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा एक माह में रेलवे अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए इन नियमों के उल्लंघन करने के 1407 मामले दर्ज कर 1330 व्यक्तियों के विरुद्ध रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की गई तथा ₹3,43,300 जुर्माना वसूल किया गया। साथ ही 15 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 99,323 रुपए की रेल संपत्ति बरामद की गई, यात्री विषयक अपराध की रोकथाम में भी उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। सूरतगढ़ स्टेशन पर गत माह रेल परिसर में सोए हुए यात्री की जेब से दो मोबाइल फोन चोरी की वारदात का सीसीटीवी फुटेज के आधार पर खुलासा हुआ जिससे अपराधी तो तुरंत पकड़ कर फोन बरामद किया गया।

उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षा बल की टीमों द्वारा तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक माह में 70 लावारिस बच्चों एवं महिलाओं/पुरुषों को उनके परिजन अथवा गैर सरकारी संगठनों या पुलिस को सौंपा गया। नन्हे फरिस्ते अभियान, जो कि बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित है, ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा बल की मानवीयता और समर्पण को प्रदर्शित किया है। इन बच्चों में घर से बिना बताए निकले, भटक चुके,बच्चे शामिल है जो चाइल्ड ट्रैफिकिंग का शिकार होने से बचे। ट्रेनों या रेल परिसर में छूटे सामान के 146 मामलों में समान यात्रियों को सुपुर्द किया गया। यात्रियों के सामान की चोरी के 24 मामले में भी अपराधी पकड़े गए। इसके साथ ही रेल परिसर में धूम्रपान करने, ट्रेन की छत या पायदान पर यात्रा करने एवं रेल परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर भी रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कार्यवाही की गई।

रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपने मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव