रेलवे ट्रैक के पास आग लगी तो कानूनी कार्यवाही
काेटा, 01 मई (हि.स.)। रेलवे ट्रैक के आसपास आग लगने तथा खेतों में पराली जलाए जाने की घटनाओं को पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल ने गंभीरता से लिया है। रेलवे सीमा एवं ट्रैक के समीप आग लगने से रेल परिचालन प्रभावित होने के साथ-साथ यात्री सुरक्षा को भी खतरा उत्पन्न होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा ऐसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि हाल ही में लवान और घाट का बराना स्टेशनों के मध्य रेलवे ट्रैक के आसपास स्थित खेतों में किसानों द्वारा पराली जलाए जाने के कारण आग रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई। आग के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ तथा स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए रेलवे कर्मचारियों एवं संबंधित एजेंसियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना में रात्रि लगभग 01:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस संबंध में देईखेड़ा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
इसी प्रकार कोटा क्षेत्र में प्रेम नगर एवं अफोर्डेबल आवास क्षेत्र के पास रेलवे बाउंड्री के समीप लगातार आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं को देखते हुए रेलवे प्रशासन द्वारा उद्योग नगर थाना, कोटा में भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक रूप से ऐसी घटनाओं के पीछे रेलवे ट्रैक के आसपास पराली जलाना, खुले में आग लगाना अथवा रेलवे ट्रैक पार करते समय जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंकना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे ट्रैक, रेलवे बाउंड्री अथवा रेल क्षेत्र के समीप आग लगाना अत्यंत गंभीर एवं दंडनीय कृत्य है। इससे ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में बाधा उत्पन्न होती है, रेल यातायात में विलंब होता है तथा किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले क्षेत्रवासियों, किसानों एवं आमजन से अपील की है कि रेलवे लाइन के समीप पराली, कचरा या अन्य ज्वलनशील सामग्री न जलाएं तथा जलती हुई बीड़ी-सिगरेट अथवा आग का कोई भी स्रोत रेलवे क्षेत्र में न फेंकें। थोड़ी सी लापरवाही रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिचालन के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
यात्रियों एवं आमजन से अनुरोध है कि रेलवे ट्रैक के आसपास आग लगने अथवा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल रेलवे अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके और ट्रेनों का सुरक्षित एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

