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राहुल गांधी का व्यवहार नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप नहीं: मदन राठौड़

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राहुल गांधी का व्यवहार नेता प्रतिपक्ष की गरिमा के अनुरूप नहीं: मदन राठौड़


जयपुर, 13 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया प्रदर्शनों में व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र और नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार को चिंताजनक बताते हुए कहा कि नेताओं का आचरण मर्यादित और जिम्मेदार होना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने की आजादी है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को भी लोकतांत्रिक परंपराओं और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक अनुभव का उपयोग नेताओं को सही सलाह देने में करना चाहिए। गलत आचरण का समर्थन करने के बजाय उसमें सुधार की सलाह देनी चाहिए। उन्होंने गहलोत पर तंज कसते हुए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की छवि तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर भी टिप्पणी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों के भरोसे राजनीतिक दल नहीं चलते, भाजपा कार्यकर्ताओं और जनाधार के बल पर राजनीति करती है।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार अपराध के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। अपराध होने पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करती है। यदि पुलिसकर्मी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप या दोषियों को बचाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

पंचायत चुनाव की तैयारियों पर राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव से पहले ही विभिन्न क्षेत्रों और जिलों में संवाद शुरू कर दिया था। संगठन ने स्थानीय कार्यकर्ताओं, विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार के विकास कार्यों तथा योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है।

उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने के निर्णय के कारण वरिष्ठ नेताओं को प्रचार के लिए सीमित समय मिल सकता है, लेकिन पार्टी का संगठन मजबूत है और स्थानीय कार्यकर्ता प्रचार की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रत्याशियों का चयन समीक्षा और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। टिकट नहीं मिलने वाले कार्यकर्ताओं को भी संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी। राठौड़ ने विश्वास जताया कि भाजपा विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की मेहनत के आधार पर पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश