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राधा-दामोदर मंदिर में दिन में होगा कान्हा का जन्म: 21 तोपों की सलामी से गूंजेगा परिसर

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राधा-दामोदर मंदिर में दिन में होगा कान्हा का जन्म: 21 तोपों की सलामी से गूंजेगा परिसर


जयपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। शहर के चौड़ा रास्ता स्थित श्री राधा-दामोदर मंदिर में शुक्रवार को जन्माष्टमी का उत्सव परंपरागत उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में ठाकुरजी का स्वरूप करीब ढाई वर्ष के बालक के रूप में विराजमान होने के कारण यहां जन्माष्टमी का उत्सव परंपरा के अनुसार दिन में ही मनाया जाएगा। जन्मोत्सव के अगले दिन शनिवार शाम नंदोत्सव का आयोजन होगा। मंदिर में यह परंपरा परमार वृंदावन से करीब 500 वर्ष पुरानी और जयपुर में करीब 300 वर्ष से चली आ रही है।

श्री राधा-दामोदर मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत सुबह 5:30 बजे मंगला आरती से होगी। इसके बाद सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक श्रद्धालुओं को श्रृंगार दर्शन कराए जाएंगे। सुबह 11 बजे जन्म व्रत कथा का आयोजन होगा। दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव शुरू होगा। इस दौरान जगमोहन में विशेष झांकी सजाई जाएगी और ठाकुरजी को झूले में विराजमान कराया जाएगा।

इस जन्मोत्सव के दौरान ठाकुरजी का सर्वसिद्धि, पंचगव्य, पंचामृत और गंगाजल से विधिवत जन्माभिषेक किया जाएगा। अभिषेक की प्रक्रिया करीब एक घंटे तक चलेगी। इस अवसर पर ठाकुरजी को पीले रंग की नई अधिवास पोशाक धारण कराई जाएगी। विशेष झांकी में माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी और छप्पन भोग सजाए जाएंगे।

दोपहर 1:30 बजे महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबेगा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठाकुर जी के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।

ठाकुर जी के जन्म की खुशी में मंदिर परिसर के बाहर आतिशबाजी की जाएगी। जन्मोत्सव के अवसर पर 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। जिया बैंड की प्रस्तुति भी होगी, जो उत्सव के माहौल को भक्तिमय बनाएगी।

मंदिर की परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव के अगले दिन शनिवार शाम नंदोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन होगा और विशेष झांकियों के दर्शन कराए जाएंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर ठाकुर जी के दर्शन करेंगे और नंदोत्सव में भाग लेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश