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पुष्य नक्षत्र प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक

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पुष्य नक्षत्र प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक


पुष्य नक्षत्र प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक


पुष्य नक्षत्र प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक


पुष्य नक्षत्र प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक


जयपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)। पुष्य नक्षत्र पर राजधानी जयपुर में शुक्रवार को प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का वेद मंत्रोच्चार के साथ पुष्याभिषेक किया गया। दूध और पंचामृत से अभिषेक कर सिंदूरी चोला चढ़ाकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। अथर्वशीर्ष मंत्रों के साथ मोदक अर्पित किए गए। गढ़ गणेश मंदिर में महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में पुरुषाकृति गणेश जी का पंचामृत अभिषेक कर पुष्पों से पुष्पों से श्रृंगार किया गया। खीर एवं अन्य व्यंजनों का भोग लगाया गया।

मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत पं.कैलाश शर्मा के सानिध्य में 51 किलो दूध, 21 किलो दही, घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र एवं गुलाब इत्र से विघ्न विनाशक का अभिषेक किया गया। गंगाजल, केवड़ा जल, गुलाब जल से अभिषेक के बाद पंचामृत अभिषेक किया गया। अंत में गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया गया। सिंदूरी चोला चढ़ाने के बाद भगवान को श्री गणपति सहस्त्रनाम के साथ 1001 मोदक अर्पित किए गए। पूजन के बाद श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र एवं स्वास्थ्य के लिए हल्दी का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। अपराह्न काल में भगवान श्री गणेश जी महाराज को फूल बंगले में विराजमान किया गया और खीर का भोग लगाया गया।

इसके अलावा चांदपोल परकोटा स्थित गणेश मंदिर में शुक्रवार को शुभ शुक्र पुष्य नक्षत्र के अवसर पर भगवान गणेश का भव्य अभिषेक श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और गणपति बप्पा के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

महंत पंडित अमित शर्मा के सानिध्य में सर्वप्रथम भगवान गणेश का 101 किलो दूध एवं पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके अंतर्गत दूध, दही, शहद, गंगाजल, केवड़ा जल, गुलाब जल और केसर जल से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। अभिषेक के पश्चात भगवान गणेश को सिंदूर का चोला चढ़ाकर नवीन पोशाक धारण कराई गई, जिससे मंदिर का वातावरण आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठा।

पूजन के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष एवं गणपति अष्टोत्तर नामावली का पाठ कर भगवान को मोदक अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करते हुए गणेश जी को दूर्वा अर्पित की और सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भक्तों को प्रसाद स्वरूप हल्दी की गांठ एवं सुपारी वितरित की गई, जिसे लक्ष्मी स्वरूप मानकर श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

वहीं ब्रह्मपुरी स्थित दक्षिणावर्ती नहर के गणेश मंदिर में महंत जय शर्मा के सान्निध्य में गणपति का दुर्वा मार्जन अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई। मोदकों का भोग अर्पण किया गया। सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर में गणेशजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण करवाई गई। चौड़ा रास्ता के काले गणेशजी, दिल्ली बाईपास रोड स्थित आत्माराम गणेश मंदिर, बड़ी चौपड़ स्थित ध्वजा धीश गणेश जी सहित अन्य गणेश मंदिरों में भी पुष्याभिषेक के आयोजन हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश