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आठ साै गीता प्रेमियों ने एक साथ गाया पुरुषोत्तम योग तो भक्ति की मस्ती में झूम उठा सभागार

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आठ साै गीता प्रेमियों ने एक साथ गाया पुरुषोत्तम योग तो भक्ति की मस्ती में झूम उठा सभागार


आठ साै गीता प्रेमियों ने एक साथ गाया पुरुषोत्तम योग तो भक्ति की मस्ती में झूम उठा सभागार


जयपुर, 10 मई (हि.स.)। जयपुर में जब एक साथ लगभग 800 गीता प्रेमियों ने श्रीमद् भगवद्गीता का 15वां अध्याय ’पुरुषोत्तम योग’ गाया तो उस समय सभागार में बैठा भक्तों का समूह भक्ति की मस्ती में झूम उठा। कुछ ऐसा की सुकून भरा आध्यात्मिक कार्यक्रम चिन्मय मिशन की स्थापना के स्वर्णिम 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्याश्रम स्कूल के महाराणा प्रताप आडिटोरियम में आयोजित हुआ। चिन्मय मिशन, दक्षिण अफ्रीका के स्वामी अभेदानन्द के पावन सानिध्य में हुए इस आयोजन में संभवतया जयपुर के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सामूहिक गीता पाठ किया।

आयोजन से जुड़े तथा विशिष्ट अतिथि ओम प्रकाश मोदी ने बताया कि इस दौरान सभागार में बैठे लगभग 800 गीता प्रेमियों ने सामूहिक स्वर में श्रीमद् भगवद्गीता के 15वें अध्याय का तीन बार पाठ कर वातावरण को दिव्य बना दिया। इस दौरान भागवत गीता के मधुर पाठों ने वातावरण को भक्ति और आस्था की त्रिवेणी में श्रोता भीगे दिखाई दिए। इससे पूर्व चिन्मय बाल विहार के बच्चों ने मधुरतम मंगलाचरण से उपस्थित साधकों के मन मोह लिया।

इस अवसर पर समय अभेदानन्द ने उपस्थित साधकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गीता का ज्ञान घर-घर में पहुँचे यह सबका प्रयास होना चाहिए। उन्होंने जीवन में समत्व का भाव बनाए रखने पर जोर दिया। अपने चिर परिचित अन्दाज में उन्होंने सभी श्रोताओं को हंसाते समत्व के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि अटूट श्रद्धा,समर्पण एवं ईश्वरार्पण बुद्धि द्वारा गीता को समझने तथा अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा परिस्थितियों में तो सदैव परिवर्तन होगा किंतु हर परिस्थिति में समता का भाव बनाये रखने से जीवन सुगम होगा। जीवन के हर चरण में गीता मार्गदर्शन करती है। उन्होंने आगे कहा कि वृत्ति तथा अभ्यास जीवन में ऐसा बनायें कि अंतिम समय में भी भगवान के नाम स्मरण होता रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रबन्धक अमिताभ तथा मोदी को स्वामी ने शाॅल पहनाकर तथा भगवद गीता ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया। चिन्मय मिशन जयपुर के संरक्षक वीके मानसिंगका तथा ममता मानसिंगका ने स्वामी को गुरु दक्षिणा भेंट की।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश