आईआरसीटीसी की ‘पुरी-गंगासागर-अयोध्या धाम’ यात्रा ट्रेन 9 मई से, 11 दिन में प्रमुख तीर्थों के दर्शन
जयपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए ‘पुरी-गंगासागर-अयोध्या धाम यात्रा’ के लिए विशेष भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 9 मई 2026 को श्रीगंगानगर से रवाना होगी।
आईआरसीटीसी, जयपुर के अपर महाप्रबंधक योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि यह 11 दिवसीय यात्रा श्रीगंगानगर से शुरू होकर हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, रिंगस, जयपुर, भरतपुर, मथुरा, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी और कानपुर होते हुए संचालित होगी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पुरी के जगन्नाथ धाम, कोणार्क सूर्य मंदिर, गंगासागर तीर्थ, कोलकाता के काली घाट मंदिर, जसडीह स्थित बैद्यनाथ धाम, गया के महाबोधी मंदिर व विष्णुपद मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर एवं गंगा आरती तथा अयोध्या में रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।
योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि ट्रेन में तृतीय श्रेणी एसी कोच, आधुनिक किचन कार और बायो-टॉयलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए दो श्रेणियां स्टैंडर्ड और कंफर्ट निर्धारित की गई हैं।
स्टैंडर्ड श्रेणी का किराया 27,890 रुपये रखा गया है, जिसमें एसी ट्रेन यात्रा, नॉन-एसी आवास और स्थानीय परिवहन के लिए नॉन-एसी बसों की सुविधा शामिल है। वहीं कंफर्ट श्रेणी का किराया 32,065 रुपये है, जिसमें एसी आवास और एसी बसों की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को गया पहुंचकर महाबोधी मंदिर और विष्णुपद मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे, इसके बाद 12 मई को पुरी में जगन्नाथ धाम, 13 मई को कोणार्क सूर्य मंदिर और 14 मई को कोलकाता पहुंचकर गंगासागर तीर्थ के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद 15 मई को काली घाट मंदिर, 16 मई को जसडीह में बैद्यनाथ धाम, 17 मई को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती तथा 18 मई को अयोध्या में रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा 19 मई को श्रीगंगानगर लौटकर समाप्त होगी।
आईआरसीटीसी ने श्रद्धालुओं से इस विशेष तीर्थ यात्रा का लाभ उठाने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

