राजस्थान के कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित
जयपुर, 04 मई (हि.स.)। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी-बारिश का दौर लगातार जारी है। रविवार को दौसा, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि हुई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की घटनाएं सामने आईं। कुछ क्षेत्रों में झुग्गी-झोपड़ियां तक उड़ गईं, जबकि किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
दौसा जिले के मानपुर क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज अंधड़, बारिश और ओले गिरने से हालात बिगड़ गए। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर मानपुर चौराहे के पास पेड़ गिरने से करीब 40 मिनट तक लंबा जाम लगा रहा। मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के मिलकपुर गांव में तेज तूफान से भारी तबाही हुई। कई बड़े पेड़ धराशायी हो गए और झुग्गी-झोपड़ियां उड़ गईं। मालाखेड़ा क्षेत्र में ओलावृष्टि से सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचा। हनुमानगढ़ के रावतसर और कोटपूतली-बहरोड़ के नारायणपुर क्षेत्र में भी ओले गिरे।
राजधानी जयपुर में हवामहल के सामने पेड़ गिरने से बड़ी चौपड़ मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। मौसम विभाग ने जयपुर सहित 19 जिलों में आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट तथा 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम परिवर्तन के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। डूंगरपुर में न्यूनतम 33 डिग्री, हनुमानगढ़ में 35.7 डिग्री और फतेहपुर (सीकर) में 37 डिग्री तापमान रहा। हालांकि कोटा और जोधपुर जैसे शहरों में गर्मी का असर बरकरार रहा, जहां तापमान 42 से 44 डिग्री तक पहुंच गया।
झुंझुनूं जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 39 मिमी वर्षा हुई। सीकर, उदयपुर, अजमेर और अलवर सहित कई जिलों में तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन उमस बनी रही।
मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में आगामी एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और धूलभरी हवाओं का दौर जारी रह सकता है। जैसलमेर में हीटवेव को देखते हुए 8वीं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। प्रदेशभर में बदले मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन, यातायात और कृषि क्षेत्र पर व्यापक असर डाला है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

