लोक प्रशासन के क्षेत्र में आए नए अंग्रेजी भाषा के शब्द
जोधपुर, 08 मई (हि.स.)। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा लोक प्रशासन के क्षेत्र में आए नए अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों के मानकीकृत शब्दों के निर्माण हेतु पांच दिवसीय बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में विषय विशेषज्ञों ने शब्दों पर मंथन का करते हुए उन्हें अंतिम रूप देने का कार्य किया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पीके शर्मा ने इस अवसर पर तकनीकी शब्दों के निर्माण के कार्य को बौद्धिक तपस्या की संज्ञा देते हुए इसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की। उनके अनुसार इस मंथन से शौधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए नवीन मार्ग प्रशस्त होगा। उन्हें शोध के नए विषय प्राप्त होंगे। कुलगुरु प्रो शर्मा ने स्वयं बैठक में भाग लेते हुए आयोग के प्रतिनिधि एमके भारल से शब्द निर्माण की सम्पूर्ण प्रक्रिया की जानकारी ली।
समाज विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रो. कान्ता कटारिया ने विश्वविद्यालय के लिए इस कार्य को महत्वपूर्ण अकादमिक योगदान बतलाया। उनके अनुसार शब्द निर्माण में लगी ऊर्जा और समय इसके महत्व को सिद्ध करते हैं। आयोग के सहायक निदेशक एमके भारल ने बताया कि आयोग तकनीकी शब्दों के निर्माण हेतु पिछले कई दशकों से काम कर रहा है लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिलब्धता के युग में नवीन शब्दों का प्रचलन बढ़ा है। तकनीकी और मानकीकृत शब्दों के अभाव में कई बार भाव का अलग अर्थ निकल जाता है। इसलिए आयोग प्रत्येक विषय में इस प्रकार के कार्य द्वारा भ्रम और भ्रांतियों को दूर करने का कार्य करता है।
केंद्र के निदेशक डॉ. दिनेश गहलोत ने बताया कि पांच दिवसीय बैठक का आयोजन अम्बेडकर अध्ययन केंद्र द्वारा किया गया। बैठक में आयोग की ओर से सहायक निदेशक एमके भारल, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निदेशक डॉ. श्याम सुंदर कथूरिया, प्रो. वाय परदासारदी, प्रो. मीना बर्डिया, कमलेश शर्मा, सुभाष महिया, प्रदीप परिहार ने विषय विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

