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आंचल प्रसूता केंद्र : गर्भवती महिलाओं को मिल रहा स्वास्थ्य का संबल

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आंचल प्रसूता केंद्र : गर्भवती महिलाओं को मिल रहा स्वास्थ्य का संबल


धौलपुर, 25 फ़रवरी (हि.स.)। धौलपुर के राजा बेटी राजकीय आयुर्वेदिक जिला चिकित्सालय में स्थित आंचल प्रसूता केंद्र में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य का संबंल मिल रहा है। बीते करीब एक साल में आठ हजार से अधिक गर्भिणी एवं प्रसूता महिलाएं आयुर्वेद अस्पताल में लाभान्वित हो चुकी हैं। करीब आठ वर्ष पूर्व 2017-2018 की बजट घोषणा के माध्यम से तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार द्वारा लागू की गई आंचल प्रसूता केंद्र प्रदेश के आयुर्वेद अस्पतालों के अंतर्गत संचालित एक सरकारी पहल है। यह अनूठी पहल गर्भवती महिलाओं और नवजातों को कुपोषण व प्रसव संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए निशुल्क पौष्टिक आहार तथा नि:शुल्क आयुर्वेदिक दवाएं और परामर्श प्रदान करती है। सूबे की सरकार की इस पहल का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना है।

धौलपुर के राजा बेटी राजकीय जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रज्ञादीप वर्मा ने बताया कि जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में रोगियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। चिकित्सालय में राज्य सरकार की जन हितार्थ कई योजनाएं नियमित रूप से चल रही है। जिनमें मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना , पंचकर्म केंद्र एवं आँचल प्रसूता केंद्र आदि शामिल हैं। आयुर्वेद के प्रति लोगों की बदली सकारात्मक सोच के चलते धौलपुर जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में अब लगभग हर रोग के निदान के लिए मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, गर्भवती एवं पुरुषोत्तम महिलाओं की देखभाल के लिए चल रहे आंचल प्रसूता केंद्र में भी बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य का संबल प्राप्त कर रही हैं।

आंचल प्रसूता केंद्र प्रभारी डॉ. गुरप्रीत की देख रेख में गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं को पथ्य एवं औषधियाँ वितरित की जाती हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि बीते साल एक अप्रेल 2025 से इस वर्ष 31 जनवरी 2026 तक धौलपुर जिला आयुर्वेद अस्पताल के आंचल प्रसूता केन्द्र में 8 हजार 470 महिलाएं लाभान्वित हो चुकीं हैं। इनमें नवीन रोगियों में 747 गर्भिणी,97 प्रसूता तथा 3 शिशु शामिल हैं। वहीं,पुरातन रोगियों में 6 हजार 723 गर्भिणी,873 प्रसूता तथा 27 शिशु शामिल हैं। यही नहीं इस संख्या में लगातार बढोतरी हो रही है,जो आयुर्वेद के लिहाज से सुखद है।

आंचल प्रसूता केंद्र प्रभारी डॉ. गुरप्रीत ने बताया कि गभिर्णी एवं प्रसूता महिलाओं को औषधि एवं पथ्य किशोरी योजना भी नियमित रूप से चल रही है। जिसमें श्वेत प्रदर , महावारी का अनियमित होना पीसीओडी, खून की कमी आदि रोगों में परामर्श एवं उपचार किया जाता है। इसके साथ ही गर्भवती और प्रसूता महिलाओं को दलिया, मूंग दाल, सोयाबीन, गुड़, मुनक्का, अजवायन और काली मिर्च जैसी पोषक सामग्री वितरित की जाती है। वहीं,प्रसूता जन्य रोगों (जैसे स्तन्य की कमी) का निशुल्क आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श प्रदान किया जाता है। प्रसव के बाद की देखभाल, 5 साल तक के बच्चों को पोषण और जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखना भी इस कार्यक्रम में शामिल है।

उल्लेखनीय है कि प्रसव के दौरान आयुर्वेदिक परिचर्या, प्रसवोत्तर देखभाल, और शिशु के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए जाते हैं। यह केंद्र आयुर्वेद के माध्यम से प्रसव के बाद महिलाओं को पौष्टिक आहार और परिचर्या देकर उन्हें स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। धौलपुर जिला आयुर्वेद अस्पताल में संचालित आंचल प्रसूता केंद्र के माध्यम से बच्चों को भी स्वर्ण प्राशन संस्कार भी कराया जाता है। जिसके तहत उन्हें रोग प्रतिरोधक खुराक पिलाई जाती है। इस संस्कार के लिए पुष्य नक्षत्र के साथ-साथ अन्य विशेष मौके पर शिविर भी आयोजित किये जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रदीप