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प्री-मानसून सक्रिय: राजस्थान में आंधी-बारिश का दौर, भरतपुर और भीलवाड़ा में दो की मौत

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प्री-मानसून सक्रिय: राजस्थान में आंधी-बारिश का दौर, भरतपुर और भीलवाड़ा में दो की मौत


जयपुर, 05 जून (हि.स.)। राजस्थान में मानसून के आगमन से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार शाम से प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए बदलाव से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं आंधी से जुड़े हादसों में भरतपुर और भीलवाड़ा में दो लोगों की मौत हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में राजस्थान पहुंचने की संभावना है। इससे पहले पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में प्री-मानसून की गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। विभाग ने 7 जून तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार के लिए 14 जिलों में ऑरेंज और 8 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के झोरोल गांव में गुरुवार देर रात तेज अंधड़ के दौरान एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई। हादसे में 55 वर्षीय इंद्रा देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दिव्यांग पुत्र घायल हो गया। दोनों दीवार के सहारे बैठे हुए थे, तभी तेज हवा के कारण दीवार भरभराकर गिर गई और दोनों मलबे में दब गए।

भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया क्षेत्र में गुरुवार रात आए अंधड़ और बारिश के दौरान जाबदा गांव निवासी 45 वर्षीय देवीलाल धाकड़ के गले पर उड़कर आई लोहे की चादर लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं तेजाजी चौक पर फल विक्रेता छोगालाल लुहार घायल हो गए। धनवाड़ा गांव में एक भैंस पर लोहे की चादर गिरने से उसकी भी मौत हो गई। अंधड़ से कई स्थानों पर टिनशेड उड़ गए, पेड़ उखड़ गए और बिजली के तार टूट गए।

गुरुवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। झुंझुनूं, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। हनुमानगढ़ के नोहर और चूरू के तारानगर क्षेत्र में तूफानी बारिश हुई। राजधानी जयपुर में भी रातभर रुक-रुककर बारिश होती रही। राजधानी जयपुर में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक बारिश का सिलसिला जारी रहा। सांगानेर, प्रतापनगर, सीतापुरा और वाटिका क्षेत्र में सुबह तक बूंदाबांदी होती रही। बादलों की वजह से सूरज नहीं निकलने से तापमान में गिरावट आ गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

मौसम में बदलाव के साथ पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में वातावरण में नमी बढ़ने लगी है।

जयपुर, कोटा, उदयपुर और चित्तौड़गढ़ क्षेत्रों में आर्द्रता का स्तर 50 से 70 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया। बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का असर कम रहा, लेकिन उमस बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश और बादलों के बावजूद प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर बना रहा। गुरुवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके अलावा चूरू में 43.2, जैसलमेर में 43, फलोदी में 42.8, पिलानी में 42.9, बीकानेर में 42, बाड़मेर में 41.9, फतेहपुर में 41.2 और जोधपुर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।

मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी तथा अधिकांश क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित