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नागौर पटाखा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट: 150 मीटर दूर तक गिरे शवों के टुकड़े, गोदाम की दीवारों में आई दरारें

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नागौर पटाखा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट: 150 मीटर दूर तक गिरे शवों के टुकड़े, गोदाम की दीवारों में आई दरारें


नागौर, 06 नवंबर (हि.स.)। बड़ली इलाके में गुरुवार सुबह पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि दो भाइयों की मौके पर मौत हो गई और उनके शवों के कई हिस्से करीब 150 मीटर दूर तक जा गिरे। घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोग धमाकों की आवाज सुनकर दहशत में आ गए। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, फैक्ट्री में एक के बाद एक तीन धमाके हुए।

फैक्ट्री के पास रहने वाले सीताराम ने बताया कि सुबह करीब 9:40 बजे पहला जोरदार धमाका हुआ। पहले उन्हें लगा कि ट्रांसफार्मर में विस्फोट हुआ है, लेकिन लगातार दो और धमाके होने पर उन्हें फैक्ट्री में हादसा होने का अंदेशा हुआ। धमाकों के दौरान उनके घर के बाड़े में मांस का टुकड़ा और एक हाथ आकर गिरने की बात उन्होंने बताई। इसके अलावा फैक्ट्री की छत से उछले पत्थर भी आसपास के घरों तक पहुंचे।

सीताराम के मुताबिक धमाकों के बाद लोग फैक्ट्री की तरफ दौड़े, लेकिन लगातार धमाकों के डर से कोई तुरंत अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर सका। कुछ देर बाद पुलिस को सूचना दी गई।

मौके पर पहुंची टीम ने मलबे से शवों के अवशेष एकत्र किए।

हादसे के बाद फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा पूरी तरह धराशायी हो गया। गोदाम की दीवारों में भी दरारें आ गईं। तहसीलदार नरसिंह राम टाक के अनुसार, शव के कुछ अवशेष अभी भी तलाशे जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस से जुड़े नियमों को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।

कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 1988 में इस स्थान को ‘सोरघर’ के नाम से पटाखा निर्माण और भंडारण के लिए आवंटित किया गया था। यहां अधिकतम 15 किलो तक विस्फोटक बनाने की अनुमति होने की जानकारी सामने आई है।

उन्होंने माना कि लाइसेंस का समय-समय पर नवीनीकरण होता रहा, लेकिन मौके पर नियमित भौतिक निरीक्षण नहीं हुआ। इसे प्रशासनिक स्तर पर चूक मानते हुए अब पूरे मामले की जांच की जाएगी।

घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद गोदाम के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान आक्रोशित लोगों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को वहां से हटाया।

अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण और भंडारण लाइसेंस की निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं। प्रशासन की टीम लाइसेंस, नवीनीकरण, विस्फोटक की मात्रा और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित