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पुष्कर पशु मेला: 19 नवम्बर से शुरू होगा रजिट्रेशन, 22 तक चलेंगे मुकाबले, पोस्टर का विमोचन

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पुष्कर पशु मेला: 19 नवम्बर से शुरू होगा रजिट्रेशन, 22 तक चलेंगे मुकाबले, पोस्टर का विमोचन


पुष्कर पशु मेला: 19 नवम्बर से शुरू होगा रजिट्रेशन, 22 तक चलेंगे मुकाबले, पोस्टर का विमोचन


पुष्कर पशु मेला: 19 नवम्बर से शुरू होगा रजिट्रेशन, 22 तक चलेंगे मुकाबले, पोस्टर का विमोचन


अजमेर, 07 नवंबर (हि.स.)। आगामी पुष्कर पशु मेले के अंतर्गत पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और पशु प्रतियोगिताओं के प्रचार-प्रसार के लिये तैयार किए गए पोस्टर का शनिवार को नवीन मेला मैदान स्थित हेल्प डेस्क पर विमोचन किया गया। पोस्टर का विमोचन मेला अधिकारी एवं पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने किया।

डॉ. परिहार ने बताया कि पुष्कर पशु मेले में पशुपालकों, पशुप्रेमियों एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों एवं आकर्षक पशु प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस बार मेले में ऊंटनी की दुग्ध दोहन प्रतियोगिता, नागौरी बैलों की प्रतियोगिता तथा बकरियों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जायेगी। पोस्टर के माध्यम से मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की तिथियों और समय की जानकारी आमजन एवं पशुपालकों तक पहुंचाई जायेगी, जिससे अधिकाधिक लोग इन आयोजनों में भाग ले सकें।

डॉ परिहार ने बताया कि 19 नवंबर को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक नए मेला मैदान की हेल्प डेस्क पर अश्व, ऊंट, बकरी , भैंस, और नागौरी बैल वर्ग के पशुओं का पंजीयन होगा। इसके बाद 20 से 22 नवंबर तक अलग अलग वर्गों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पशु चिकित्सकों की टीम प्रतियोगिताओं से पहले पशुओं के स्वास्थ्य की जांच करेगी। घोड़ों का पंजीयन उनकी प्रतियोगिता से दो दिन पहले शुरू होगा।

प्रतियोगिताओं में नर ऊंट, मादा ऊंट और ऊंट सवारी के मुकाबले आकर्षण का केंद्र होंगे। 20 नवंबर को ऊंटनी के दुग्ध दोहन के साथ नर और मादा ऊंट वर्ग की प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दिन सिरोही और सोजती नस्ल की बकरियों, नागौरी बैलों की जोड़ियों और भैंस वर्ग के मुकाबले भी होंगे। 21 व 22 नवंबर को अश्व वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें मादा और नर अश्व के अदंत, दो दांत और अन्य वर्गों के मुकाबले शामिल हैं। डॉ परिहार ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से निर्धारित पुरस्कार राशि के अलावा भामाशाह भी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आ रहे हैं।

पुष्कर पशु मेले को लेकर नए मेला मैदान में पशुओं की आवक शुरू हो गई है। जैसलमेर और पोकरण से ऊंट भी पहुंचने लगे हैं। पशुपालक अवध बिहारी दास ने बताया कि मैदान में तंबू लगा दिए गए हैं। 11 नवंबर से घोड़ों की आवक शुरू हो जाएगी। वे करीब 15 घोड़ेघोड़ियां लाने की तैयारी कर रहे हैं। जैसलमेर के कालू खान ने बताया कि उनके पिता भी पुष्कर मेले में नियमित आते थे, उन्होंने मेला मैदान में पानी की व्यवस्था को अच्छा बताया।

पशुपालन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 24 नवंबर को सुबह साढ़े नौ बजे पुराने मेला स्टेडियम में पुरस्कार वितरण समारोह और हॉर्स शो होगा। वहीं, 26 नवंबर को शाम 5 बजे पुराने मेला स्टेडियम में मेला समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 20 नवंबर को गीर व संकर गोवंश की प्रदर्शनी, दुग्ध दोहन प्रतियोगिता और विभिन्न पशु नस्लों के मुकाबले होंगे। 21 नवंबर को मादा अश्व, संकर होलसटभ्न, संकर जर्सी और गीर नस्ल की प्रतियोगिताएं होंगी। 22 नवंबर को नर अश्व, सर्वश्रेष्ठ दुधारू गोवंश, सर्वश्रेष्ठ गीर नस्ल और सर्वश्रेष्ठ मेला पशु के मुकाबले होंगे। काठियावाड़ी, सिंधी और भीमथड़ी अश्व नस्लों को प्रदर्शन भी किया जाएगा।

पोस्टर विमोचन के अवसर पर डॉ. रविंद्र सिंह राठौड़, डॉ. धर्मेंद्र चौधरी, डॉ. साकेत पाठक, डॉ. मृगांका कड़वा, पशुधन प्रसार अधिकारी अजय सैनी, पशुधन निरीक्षक शंकर सिंह चौधरी, अजय मंत्री, बुद्धि प्रकाश सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष