कृषि विवि ने लाइव देखा प्रधानमंत्री का पोस्ट बजट वेबीनार
जोधपुर, 06 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कृषि एवं ग्रामीण परिवर्तन विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित किया। इस मौके पर कृषि विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री मोदी के उद्बोधन को कुलगुरु प्रोफेसर वीएस जैतावत की अध्यक्षता में अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सुना।
वेबीनार में पीएम मोदी ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है। इसे अधिक प्रतिस्पर्धी व निर्यात उन्मुख बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की विविध जलवायु और अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों का लाभ उठाकर कृषि को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मानकों को मजबूत करना जरूरी है ताकि भारतीय कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें। प्रधानमंत्री ने रासायनिक मुक्त और प्राकृतिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और ऑर्गेनिक तथा केमिकल-फ्री खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में प्राकृतिक खेती भारत के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंचने का एक बड़ा अवसर बन सकती है। इससे निर्यात उन्मुख उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विवि कर रहा प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक
इस मौके पर कुलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट किसानों के लिए हितकारी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के मद्देनजर विश्वविद्यालय, प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पाद, व उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को जैविक खेती से जोड़ा जाए। इस दौरान विश्वविद्यालय की समस्त इकाइयों के सदस्यों की वर्चुअल रूप से मौजूदगी रही।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

