पचपदरा प्रोजेक्ट पर राजनीति गरमाई: राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने गहलोत को घेरा
जयपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। पचपदरा रिफाइनरी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की टिप्पणी पर तीखा जवाब देते हुए इसे “औछी राजनीति” करार दिया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी द्वारा 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम पर अनावश्यक टिप्पणी करना उचित नहीं है। गहलोत ने आरोप लगाया कि जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, तब रिफाइनरी के लिए न तो स्थान तय किया गया था, न ही कोई ठोस योजना या बजट तैयार किया गया था और केवल जल्दबाजी में शिलान्यास किया गया।
राजेन्द्र गहलोत के अनुसार वर्ष 2016 में भाजपा सरकार ने इस परियोजना के लिए उपयुक्त स्थान और बजट तय किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 से 2023 तक रही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रिफाइनरी परियोजना पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कई बार स्थल निरीक्षण कर कार्य की समीक्षा की और दो वर्षों में परियोजना को पूर्णता की ओर पहुंचाया।
सांसद ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जिससे पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बाड़मेर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार, बेहतर परिवहन सुविधाएं और स्थानीय स्तर पर नए आर्थिक अवसर उपलब्ध होंगे।उन्होंने यह भी कहा कि भारतमाला परियोजना जैसी योजनाओं से बाड़मेर में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है। रिफाइनरी को रेलमार्ग, 262 किलोमीटर इनलैंड जलमार्ग और 700 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन से जोड़ने का कार्य भी प्रगति पर है।
राजेन्द्र गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर विचार करना चाहिए और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

