बाड़मेर में हिरणों का शिकार: रहस्यमयी डिब्बे की आवाज से हिरणों को बुला रहे थे शिकारी, ग्रामीणों के जागते ही भागे
बाड़मेर, 07 नवंबर (हि.स.)। धनाऊ थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात हिरणों के शिकार की घटना से ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। नेहरों की नाड़ी और बिसारणिया गांव के आसपास शिकारियों ने दो हिरणों को मार दिया, जबकि तीसरे हिरण का पीछा करते समय ग्रामीणों के जाग जाने से शिकारी मौके से भाग निकले। घटना के बाद ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी आरोपिताें की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार रात से धरने पर बैठे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, शिकारियों ने एक मरे हुए हिरण के पैर बांधकर उसे पेड़ पर उल्टा लटका दिया था। इसके बाद वे तीसरे हिरण को पकड़ने के लिए गांव की ओर बढ़े। ग्रामीणों का दावा है कि शिकारियों के पास लोहे का एक डिब्बा था, जिसमें कुछ सामान डालकर वे अजीब आवाज निकाल रहे थे। इसी आवाज से हिरणों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा था।
एडवोकेट जगदीश ढाका ने बताया कि नेहरों की नाड़ी और बिसारणिया गांव के चारों ओर रेतीले धोरे हैं और इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में हिरण विचरण करते हैं। शुक्रवार रात दो हिरणों का शिकार करने के बाद शिकारी तीसरे हिरण का पीछा करते हुए ग्रामीण कंवराराम चौधरी के पशुओं के बाड़े तक पहुंच गए।
शिकारियों की गतिविधियों और डिब्बे से निकल रही आवाज के कारण बाड़े में बंधी गाय और भैंस घबरा गईं।
वे जोर-जोर से चिल्लाने और इधर-उधर भागने लगीं। पशुओं की आवाज सुनकर कंवराराम और आसपास के ग्रामीणों की नींद खुल गई।
ग्रामीणों के बाहर आने पर उन्होंने शिकारियों को ललकारा। इसके बाद ग्रामीणों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर शिकारी भागने में सफल रहे। ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर शिकार किए गए हिरणों के शव छोड़कर आरोपित फरार हो गए।
घटना के बाद शनिवार सुबह आसपास के गांवों के लोग भी धरना स्थल पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हिरणों का शिकार हो रहा है और पूर्व में भी पुलिस तथा वन विभाग के अधिकारियों को इसकी शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
धनाऊ पुलिस के अनुसार देर रात तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इधर, ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी शिकार की घटनाओं पर रोक लगाने तथा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर धरने पर डटे हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

