विजयदान देथा, मिथिलेश्वर, धर्मवीर भारती और महाश्वेता देवी के लेखन पर अजमेर में होगे नाटक
अजमेर, 6 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली की रॅपर्टरी कंपनी अपने स्थापना का 60वाँ वर्ष मना रही है। इस हीरक जयंती के अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, राजस्थान में एक सांस्कृतिक नाट्य यात्रा ‘‘रंगरथ यात्रा’’ प्रस्तावित की गई है। कला और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘रंग राजस्थान’ श्रृंखला’’ के अंतर्गत ‘‘रंगरथ यात्रा’’ राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली की रॅपर्टरी कंपनी की ओर से ‘‘तीसरा अजमेर थिएटर फेस्टिवल 2026’’ का आयोजन 7 से 10 मार्च 2026 तक प्रतिदिन शाम 7 बजे जवाहर रंगमंच, अजमेर में किया जाएगा। इस चार दिवसीय रंगोत्सव में देश की प्रतिष्ठित संस्था ‘‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली’’ के कलाकारों द्वारा चर्चित और श्रेष्ठ नाटकों की प्रस्तुतियाँ की जाएँगी।
इस आयोजन का उद्देश्य अजमेर में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा स्थानीय दर्शकों को राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट नाटकों से रूबरू कराना है। समारोह में विविध विषयों और शैलियों के चार महत्वपूर्ण नाटकों का मंचन किया जाएगा। यह आयोजन संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, जिला प्रशासन अजमेर एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
फेस्टिवल के पहले दिन 7 मार्च को लेखक विजयदान देथा की प्रसिद्ध कथा पर आधारित नाटक ‘माई री मैं को से कहूं’ का मंचन निर्देशक अजय कुमार के निर्देशन में किया जाएगा।
8 मार्च को सुप्रसिद्ध लेखक मिथिलेश्वर की कहानी पर आधारित नाटक ‘बाबू जी’ का मंचन निर्देशक राजेश सिंह द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
9 मार्च को हिंदी रंगमंच की कालजयी कृति ‘अंधा युग’, जिसके लेखक धर्मवीर भारती हैं, का मंचन निर्देशक रामगोपाल बजाज के निर्देशन में होगा।
फेस्टिवल के अंतिम दिन 10 मार्च को प्रसिद्ध साहित्यकार महाश्वेता देवी की रचना पर आधारित नाटक ‘बायन’ का मंचन निर्देशक उषा गांगुली के निर्देशन में प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह चार दिवसीय रंगोत्सव अजमेर के रंग प्रेमियों के लिए एक विशेष अवसर होगा, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का सशक्त अभिनय, उत्कृष्ट निर्देशन और प्रभावशाली मंच सज्जा देखने को मिलेगी। फेस्टिवल में दर्शकों के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग रंगमंच की इस अनूठी सांस्कृतिक यात्रा से जुड़ सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

