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ईरान-अमेरिका तनाव पर भारत दिखाएं स्पष्ट रुख : सचिन पायलट

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ईरान-अमेरिका तनाव पर भारत दिखाएं स्पष्ट रुख : सचिन पायलट


जयपुर, 05 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने गुरुवार को जयपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईरान-अमेरिका तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में लगातार बढ़ रही हिंसा जल्द समाप्त होनी चाहिए और जान-माल के नुकसान पर विराम लगना चाहिए।

पायलट ने कहा कि हाल के घटनाक्रम बहुत तेजी से बदले हैं और पूरी दुनिया इसे देख रही है। भारत की पहचान हमेशा एक समझदार, संजीदा और परिपक्व राष्ट्र के रूप में रही है, इसलिए देश को अपनी पारंपरिक निष्पक्ष विदेश नीति पर कायम रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीति का उद्देश्य किसी एक पक्ष का समर्थन या विरोध करना नहीं रहा है।

अमेरिका की कार्रवाई का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि यह कदम न तो यूनाइटेड नेशनस का है और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का। ऐसे में यदि युद्ध कहीं और हो रहा है और उसका असर भारत के प्रभाव क्षेत्र में दिखाई देता है, तो इस पर भारत सरकार को अपना स्पष्ट रुख रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सही को सही और गलत को गलत कहा है, इसलिए इस मामले में चुप्पी ठीक नहीं है।

पायलट ने कहा कि भारत के कई देशों के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंध रहे हैं, चाहे वह ईरान हो, अफगानिस्तान, रूस या यूरोप के देश। इसलिए भारत को अपनी कूटनीति, राष्ट्रीय हित और निष्पक्षता की परंपरा से हटना नहीं चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार पर दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक शर्तों और आयात-निर्यात से जुड़े कई फैसले एकतरफा नजर आते हैं। इससे देश के किसानों और दुग्ध उत्पादकों पर भविष्य में संकट आ सकता है। उन्होंने कहा कि कपास, सोयाबीन, मक्का और दूध उत्पादकों में इसको लेकर चिंता है और किसान विरोध भी कर रहे हैं।

बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता ने विधानसभा चुनाव अपने चेहरे पर लड़कर जनता से वोट लिए हैं, तो बाद में पद छोड़ना जनता के साथ न्याय नहीं है। अगर पहले ही यह बात स्पष्ट कर दी जाती, तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे।

पायलट ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि विदेशों में एक भी भारतीय नागरिक फंसा है तो उसे सुरक्षित वापस लाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्रालय जल्द कदम उठाएगा, क्योंकि कई देशों के लोग अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था कर रहे हैं।

पायलट ने कहा कि भारत के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं और यही हमारी ताकत है। ऐसे में विदेशों में फंसे भारतीयों, विशेषकर राजस्थान के लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार को हर संभव प्रयास करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित