पांच राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान भारतीय लोकतंत्र की बड़ी जीत : डॉ. वासुदेव देवनानी
जयपुर, 05 मई (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने देश के पांच राज्यों में संपन्न विधानसभा चुनावों को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और मजबूती का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, लोकतंत्र, भारतीय संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की बड़ी जीत है।
डॉ. देवनानी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां बिना हिंसा व रक्तपात के सत्ता परिवर्तन की परंपरा देश को “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” के रूप में स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ-साथ तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में भी मतदान शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां पूर्व में चुनावी हिंसा की घटनाएं आम रही हैं, वहां इस बार मतदाताओं ने संयम, जागरूकता और साहस का परिचय देते हुए भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। यह लोकतांत्रिक चेतना और जनता के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग, केंद्रीय सुरक्षा बलों और प्रशासनिक सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा, वेबकास्टिंग, सीसीटीवी निगरानी और माइक्रो ऑब्जर्वर जैसी व्यवस्थाओं ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति समाज के सभी वर्गों में विश्वास बढ़ा है। नई पीढ़ी लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
डॉ. देवनानी ने कहा कि यह चुनाव इस बात का प्रमाण है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता के सहयोग से किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में लोकतंत्र को सफलतापूर्वक स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए चुनावी हिंसा को समाप्त करने का आह्वान भी किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि पांच राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान, विशेषकर पश्चिम बंगाल में, भारतीय लोकतंत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

